सावधान! शाम 7 बजे के बाद घर से निकल रहे हैं तो पढ़ लें ये खबर, रोडवेज ने बसों पर लगाया 'ब्रेक'
रायबरेली में भीषण कोहरे के कारण रोडवेज बसों के संचालन पर असर पड़ा है। शाम होते ही यात्रियों की संख्या घट जाती है, जिससे बसों को रवाना होने में देरी हो ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, रायबरेली। भीषण कोहरे का असर अब रोडवेज बस संचालन पर साफ दिखाई देने लगा है। दिन में जहां यात्रियों की आवाजाही बनी हुई है, वहीं शाम होते-होते रोडवेज बस स्टैंड पर सन्नाटा पसर जा रहा है। शाम सात बजे के बाद यात्रियों की संख्या बेहद कम हो जा रही है, जिससे चालक-परिचालकों को बसें रवाना करने के लिए दो-दो घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। यहां तक की पहले की अपेक्षा डिपो की आय भी घट रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए 25 सवारी पूरी होने पर ही बसों को भेजा जा रहा है।
रायबरेली रोडवेज डिपो से वर्तमान में निगम की 99 और अनुबंधित 75 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य डिपो की करीब 100 से अधिक बसें पूरे दिन आती-जाती रहती हैं। हालांकि, अनुबंधित बसें शाम छह बजे के बाद संचालन बंद कर देती हैं। निगम की बसें रात में भी चलाई जा रही हैं, लेकिन कोहरे के कारण रात्रिकालीन समय में यात्रियों की भारी कमी देखी जा रही है।
कोहरे के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए निगम प्रशासन ने बसों के फेरों पर भी ब्रेक लगा दिया है। दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लंबे रूटों पर रात में बस भेजने पर रोक लगा दी गई है। कोहरा घना होने पर शाम से ही बसों का संचालन अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। फिलहाल बसों का संचालन पूरी तरह कोहरे की स्थिति के अनुसार किया जा रहा है।
रात्रिकालीन सेवाओं में भी कटौती की गई है। जो छोटी दूरी की बसें पहले रात में दो फेरे लगाती थीं, अब वे एक ही फेरा लगा रही हैं। यहां तक की विभाग के आकड़े बता रहे है कि आय भी दिन प्रतिदिन घट रही है। जिसमें 18 दिसंबर को 20.32लाख ,19 दिसंबर को 18.17लाख, 21 दिसंबर को 17.53लाख, 22 दिसंबर को 21.24 लाख , 24 दिसंबर 16.65 लाख, 25 दिसंबर को 12.95लाख , 26 दिसंबर को 13.63 लाख रूपये की आय डिपो की हुई।आरएम ने निर्देश दिए हैं कि बसों में रिफ्लेक्टर टेप, बैकलाइट, इंडिकेटर और शीशे पूरी तरह दुरुस्त होने के बाद ही संचालन किया जाए।
लंबी दूरी की बसों में दो चालकों की व्यवस्था की गई है। वहीं, रात में चलने वाली बसों के चालकों की ब्रीथ एनालाइजर से जांच भी की जा रही है। एक सप्ताह से जिले में घना कोहरा और सर्दी का प्रकोप जारी है। सुबह दस बजे तक सूर्य के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं और शाम ढलते ही पूरा जिला कोहरे की चादर में लिपट जाता है।
हाल के दिनों में अन्य जिलों में हुई दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए निगम प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए भीषण कोहरे में बसों का संचालन रोका गया है। कोहरा छंटने के बाद बस सेवाएं पूर्व की भांति बहाल कर दी जाएगी।

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