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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Maha Kumbh 2025: टेलीग्राम पर निमंत्रण मिलने के बाद रेनबो कैंप पहुंचा था विदेशी, पुलिस ने पूछताछ में खोले कई राज

Published: Fri, 03 Jan 2025 03:03 PM (IST)

रूसी नागरिक आंद्रे पापकाफ ने महाकुंभ मेले के दौरान वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत में अवैध रूप ...और पढ़ें

Maha Kumbh mela 2025 में रूसी नागरिक आंद्रे पापकाफ हुआ है गिरफ्तार। जागरण
Maha Kumbh mela 2025 में रूसी नागरिक आंद्रे पापकाफ हुआ है गिरफ्तार। जागरण

HighLights

  1. रूसी नागरिक आंद्रे ने पूछताछ में खोले कई राज
  2. मेला में अवैध ढंग से रहते हुए पुलिस ने पकड़ा था

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। महाकुंभ में आने का निमंत्रण टेलीग्राम के जरिए मिलने के बाद रूसी नागरिक आंद्रे पापकाफ रेनबो कैंप पहुंचा था। वह इस कैंप में करीब 15 दिन रहा और वहां की लगभग सभी गतिविधियों में हिस्सा लेता रहा। पकड़े जाने के बाद आंद्रे ने पूछताछ के दौरान कई अहम राज खोले हैं। अब पुलिस उसके बयानों के आधार पर सच्चाई का पता लगा रही है।

बताया गया है कि रेनबो इंटरनेशनल सोसाइटी की ओर से महाकुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर 15 में रेनबो कैंप बसाया गया है। कैंप बनवाने का काम भारतीय जागरूक परिषद के प्रमुख संभल निवासी पंडित हरीश कुमार गौतम ने किया। जांच में पुलिस को पता चला है कि हरीश की ओर से महाकुंभ में आने का निमंत्रण टेलीग्राम चैनल बनाकर दिया गया था।

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टेलीग्राम के जरिए ही संदेश मिलने पर आंद्रे गोवा के बाद प्रयागराज महाकुंभ मेला क्षेत्र पहुंचा। वह रेनबो कैंप में रुका और संगम क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर घूमता-फिरता रहा। तीन दिन पहले पुलिस ने मास्को, रूस निवासी आंद्रे को पकड़ा था। छानबीन में उसके पास से पासपोर्ट और वीजा मिला, लेकिन वीजा की अवधि सितंबर माह में ही समाप्त हो गई थी।

रूसी नागरिक आंद्रे पापकाफ। जागरण


इसके बावजूद वह अवैध रूप से भारत में रह रहा था। पकड़े जाने के बाद पुलिस ने जब आंद्रे से पूछताछ शुरू की तो उसने कई राज खोले। अब पुलिस उसके बयान के आधार पर अन्य तथ्यों व साक्ष्यों को संकलित कर रही है।

देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए संवर गई संगम नगरी

पहले कुंभ 2019 और अब महाकुंभ 2025 को देखते हुए योगी सरकार ने संगमनगरी की सूरत ही बदल दी है। वर्ष 2019 कुंभ के दृष्टिगत जो विकास कार्य हुए, उसे 2025 महाकुंभ में और विस्तार देते हुए स्थायी कार्यों पर जोर दिया गया है। सनातन आस्था के सबसे बड़े समागम महाकुंभ के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा में सुधार किया गया है।

संगम तट पर स्नान घाट के लिए समतलीकरण किया जा रहा है। जागरण


करोड़ों श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो, इसको देखते हुए 200 सड़कों का निर्माण और विकास किया गया है। इन सड़कों के किनारे तीन लाख पौधों और हरियाली विकसित कराई गई है। श्रद्धालु आएंगे तो यहां की सड़कों और उनके सौंदर्यीकरण की मनमोहक छवि के साथ यादगार अनुभव लेकर वापस जाएंगे।

सड़कों के निर्माण और विकास में तीन विभागों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सबसे ज्यादा नगर निगम ने 78 सड़कों का नव निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कराया है। लोक निर्माण विभाग ने 74 और पीडीए ने 48 सड़कों का विकास कराया है। साथ ही सड़कों का सौंदर्यीकरण भी किया गया है।

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संगम क्षेत्र में पहुंच रहे यूथ। जागरण


विभिन्न तरह के पौधों को यहां सजाया गया है। इन 200 सड़कों पर तीन लाख पौधे रोपे गए हैं। इन्हीं सड़कों के माध्यम से श्रद्धालुओं का संगम तक आवागमन सुगम हो सकेगा। इन सड़कों का निर्माण तीनों विभागों के लिए आसान नहीं था। कई तरह की चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। निर्माण के दौरान कई ऐसे स्थल थे, जहां पर अतिक्रमण था, जिन्हें हटाया गया है।

इन सड़कों के विकास के लिए कुल 4426 अतिक्रमण ध्वस्त किए गए। कई स्थलों पर निर्माण को लेकर न्यायालय का भी सामना करना पड़ा। कुल 82 मुकदमे का निस्तारण कराया गया। निर्माण के दौरान 4893 विद्युत पोल को शिफ्ट करना पड़ा। इसके साथ 170 किमी लंबी अंडरग्राउंड केबल डाला गया।