यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कंट्रोल रूम को सूचना दें और 24 घंटे में सीवर की समस्या दूर कराएं, जी हां... अब प्रयागराज में ऐसी ही व्यवस्था होगी, क्या है तैयारी
प्रयागराज में सीवर की समस्या से निपटने के लिए जलकल विभाग निजी कंपनियों को शामिल करने की तैयारी कर रहा ...और पढ़ें

HighLights
- शहर में सीवर समस्या के समाधान में निजी कंपनियां बनेंगी मददगार
- जन शिकायत के लिए बनेगा कंट्रोल रूम, 24 घंटे दर्ज होगी शिकायत
- जलकल की ओर से तैयार कराया जा रहा डीपीआर
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब आपको सीवर जाम, ओवरफ्लो गंदे पानी की समस्या से मात्र 24 घंटे में राहत मिलने वाली है। हफ्तों और महीनों शिकायत लेकर अधिकारियों का चक्कर नहीं लगाना होगा। कंट्रोल रूम बनेंगे। घर बैठे शिकायत दर्ज करा सकेंगे और एक दिन में समाधान भी हो जाएगा। आइए जानें ऐसी क्या व्यवस्था प्रयागराज शहर में होने वाली है।
शहर के अधिकांश वार्ड में सीवर जाम की है समस्या
शहर में सीवर लाइन की सफाई सबसे बड़ी चुनौती है। पुरानी सीवर लाइन कहीं जाम है तो कहीं चोक है। बारिश के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। वर्तमान समय में ज्यादातर वार्डों में सीवर जाम होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वन सिटी-वन आपरेटर की होगी व्यवस्था
सीवर लाइन की समस्या के समाधान को लेकर स्मार्ट सिटी प्रयागराज में भी अब लखनऊ, गाजियाबाद और मेरठ की तर्ज पर जलकल वन सिटी-वन आपरेटर की व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत सीवर लाइन की देखरेख निजी कंपनियों के हाथों में रहेगी। समस्या होने पर लोग कंट्रोल रूम में सूचना देंगे और 24 घंटे में सीवर की समस्या दूर होगी।
निजी कंपनियों को दिया जाएगा सीवर सफाई का ठेका
यह सब व्यवस्था करने में लगभग 100 से 150 करोड़ रुपये वार्षिक व्यय जलकल को करना होगा। वाराणसी, मेरठ,आगरा, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, लखनऊ आदि शहरों के सीवर लाइन का ठेका निजी कंपनी को दिया गया है। प्रयागराज में भी अब जलकल निजी कंपनी को सीवर का ठेका देने के लिए प्रस्ताव तैयार कर रहा है। गाजियाबाद,मेरठ, दिल्ली की फर्म सीवर लाइन का स्थलीय निरीक्षण कर चुकी है।
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आइए जानें, क्या कहते हैं जलकल के महाप्रबंधक
जलकल के महाप्रबंधक कुमार गौरव ने बताया कि शहर में सीवर जाम और सीवर चोक की अधिक समस्या है। सीवर नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए इसे अब निजी कंपनियों को देने का विचार किया जा रहा है। आने वाले कुछ महीनों में सीवर लाइन की समस्या पूरी तरह से समाप्त करने का प्रयास होगा।
