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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रयागराज में निजी अंग काटने वाले युवक के घाव की प्लास्टिक सर्जरी, लड़की की चाह में ऐसा किया, पौरुष शक्ति पर क्या बोले डॉक्टर

Published: Sun, 14 Sep 2025 02:10 PM (GMT+05:30)

प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में डाक्टरों ने प्लास्टिक सर्जरी से एक युवक के निजी अंग के घाव को भरा। युवक ...और पढ़ें

प्रयागराज स्थित एसआरएन अस्पताल के डाॅक्टरों ने छात्र द्वारा काटे गए प्राइवेट पार्ट की प्लास्टिक सर्जरी कर दी है।
प्रयागराज स्थित एसआरएन अस्पताल के डाॅक्टरों ने छात्र द्वारा काटे गए प्राइवेट पार्ट की प्लास्टिक सर्जरी कर दी है।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। लड़की बनने की भावना से ग्रसित होकर निजी अंग काटने वाले युवक के भविष्य पर संशय बना हुआ है। हैरान कर देने वाली इस घटना के बाद तय कर पाना किसी के लिए भी कठिन हो रहा है कि उसका जीवन अब कैसा बीतेगा।

दिल में भटकाव भी है

लड़के की जुबान कह रही है कि अब लड़का बनकर ही रहेगा लेकिन दिल में भटकाव है। फिलहाल स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में प्लास्टिक सर्जरी के डाक्टरों ने उसके जीवन पर आए संकट को टाल दिया गया है। उसकी मानसिक स्थिति को हर स्तर पर परखा जा रहा है।

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अमेठी का रहने वाला है 18 वर्षीय युवक

यह कहानी अमेठी के रहने वाले उस 18 वर्षीय युवक की है, जिसने सर्जिकल ब्लेड से अपना निजी अंग काट कर सभी को स्तब्ध कर दिया था। अंग काटने से पहले उसने एनेस्थीसिया का इंजेक्शन स्वयं ही लगाया था। पिता खेती किसानी करते हैं और मां गृहणी हैं। गोपनीयता बरतने के लिए अस्पताल में लड़के से किसी को मिलने नहीं दिया जा रह है। शुक्रवार रात में डा. मोहित जैन के नेतृत्व में प्लास्टिक सर्जन की टीम ने आपरेशन करके उसके अंग के आसपास बने घाव को भरा। यूरोलॉजी विशेषज्ञों की सहायता भी ली जा रही है।

लड़का ही ठीक हूं, लड़कियों में दिलचस्पी नहीं

अस्पताल में भर्ती युवक ने डाक्टरों से हुई बातचीत में बताया कि लड़का ही ठीक हूं। लड़कियों में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं है, कुछ ही देर में उसकी भाव भंगिमाएं पुन: लड़कियों के जैसे बदलने लगीं। परिवार की काउंसिलिंग लगातार कर रहे डाक्टरों ने भरोसा दिलाया है कि लड़के की मनोदशा शीघ्र ही बदलेगी।

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पढ़ाई करेगा, कहना मानेगा

सर्जरी करने वाले डाक्टरों ने जब कहा कि परिवार की इकलौती संतान हो, मां-बाप कैसे जिएंगे तो लड़के ने कहा कि अब वह खूब पढ़ाई पढ़ेगा। कहना मानेगा। अपने किए पर उसने पछतावा जताया।

क्या कहते हैं चिकित्सक

एसआरएन अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डा. मोहित जैन का कहना है कि लड़के के निजी अंग में हुए घाव को भर दिया गया है, पेनिस (अंग) को जोड़ने में समय लगेगा। जांघ की त्वचा का कुछ हिस्सा निकालकर पेनिस की प्लास्टिक सर्जरी की गई है। लड़के की पौरुष शक्ति पर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है।