यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kumbh Mela 2025: एआई, डार्क वेब और सोशल मीडिया स्कैमर्स से बचाएगा महाकुंभ साइबर थाना, ऑनलाइन सुरक्षा के लिए तैयार योगी के योद्धा
Kumbh Mela 2025 महाकुंभ 2025 को अब तक का सबसे भव्य और दिव्य आयोजन बनाने के लिए वृहद स्तर पर ...और पढ़ें

डिजिटल टीम, महाकुंभ नगर। Kumbh Mela 2025 महाकुंभ की तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगी योगी आदित्यनाथ सरकार पहली बार इतने व्यापक स्तर पर महाआयोजन का डिजिटलीकरण करने जा रही है। डिजिटलाइजेशन के साथ साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए भी व्यापक तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में साइबर सिक्योरिटी प्रदान करने के लिए मेला क्षेत्र में साइबर थाने की शुरुआत की गई है। इसके माध्यम से एआई, डार्क वेब और सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर लोगों को झांसा देना संभव नहीं हो पाएगा। खास बात ये है कि इस बार देश विदेश से इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए पूरे प्रदेश के चुनिंदा अफसरों की एक स्पेशल टीम बुलाई गई है। यहां प्रदेश के चुनिंदा साइबर एक्सपर्ट्स पहुंच चुके हैं, जो 45 करोड़ श्रद्धालुओं की साइबर सुरक्षा में 24 घंटे तैनात रहेंगे।
महाकुंभ नगर पहुंची स्पेशल टीम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महाकुंभ 2025 को अब तक का सबसे भव्य और दिव्य आयोजन बनाने के लिए वृहद स्तर पर तैयारी की जा रही है। मेला के दौरान यहां 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जिनकी सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने अफसरों को विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। इसी क्रम में एक एक श्रद्धालु की सुरक्षा पर मेले के अधिकारी विशेष ध्यान दे रहे हैं। यही नहीं, उन्हें साइबर सिक्योरिटी प्रदान करने के लिए पूरे प्रदेश के चुनिंदा अफसरों की एक स्पेशल टीम महाकुंभनगर बुला ली गई है।
44 वेबसाइटों पर नजर
महाकुंभनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी बताते हैं कि फेक और डार्क वेबसाइट और सोशल मीडिया के शातिरों से श्रद्धालुओं की हर तरह से हिफाजत करने की योजना तैयार कर ली गई है। इसके लिए पूरे प्रदेश के अनुभवी अफसरों को यहां महाकुंभनगर में बुलाया गया है। आते ही साइबर सेल के एक्सपर्ट अपनी पोजिशन ले चुके हैं। सबसे खास बात यह है कि महाकुंभ में एआई, एक्स, फेसबुक और गूगल का किसी भी प्रकार से दुरुपयोग नहीं किया जा सकेगा। ठगों के फर्जी तरीके से तैयार किए गए लिंक के हथियार नष्ट कर दिए जाएंगे। महाकुंभनगर की साइबर एक्सपर्ट की टीम ने तेजी से काम करते हुए ऐसी संदेहास्पद 44 वेबसाइटों को अपने रडार पर ले लिया है। जिनके खिलाफ कार्यवाही की जा रही है।
ऑनलाइन सुरक्षा के लिए मोबाइल साइबर टीम भी सक्रिय
महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को बड़े पैमाने पर जागरुक किया जा रहा है। उन्हें महाकुंभ मेले से संबंधित जानकारी के लिए 1920 नंबर भी जारी किया गया है। इसके साथ-साथ सरकारी वेबसाइट (जिनमें gov.in लगा हो) का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा फर्जी वेबसाइटों की सूचना भी यहां थाने में दी जा सकती है, जिस पर साइबर थाना तुरंत कार्यवाही करेगा। इसके साथ ही देश-विदेश से महाकुंभ में आने वाले 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की साइबर सुरक्षा के लिए साइबर एक्सपर्ट की टीम दिन रात काम कर रही है। यह टीम एक स्थान पर लैपटॉप और कंप्यूटर से तो सक्रिय है ही, इसके अलावा इनकी मोबाइल टीम भी काम कर रही हैं। जो बड़ी संख्या में फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया के फेक अकाउंट से संबंधित मामलों को मोबाइल पर ही सॉल्व कर रहे हैं।
सोशल मीडिया के माध्यम से पैसे मांगने वालों पर विशेष नजर
जो लोग एआई, फेसबुक, एक्स या इंस्टाग्राम के माध्यम से लोगों से पैसे मांगते हैं, उन पर भी साइबर एक्सपर्ट नजर रख रहे हैं। शिकायत मिलते ही उन पर प्रभावी कार्यवाही की जाएगी। इनके अलावा फर्जी वेबसाइट और लिंक के जरिए धोखाधड़ी करने वालों पर भी सख्ती की जाएगी। महाकुंभ में आने वाले एक-एक श्रद्धालु की सुरक्षा में साइबर एक्सपर्ट की टीम 24 घंटे अलर्ट मोड में है।
