Railway News: महाकुंभ के बाद प्रयागराज के रेलवे स्टेशनों पर बदले नियम, यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
प्रयागराज के नौ रेलवे स्टेशनों पर महाकुंभ के दौरान लागू किए गए सख्त नियमों में बदलाव किया गया है। अब यात्रियों को पूर्व की तरह सभी सुविधाएं मिलेंगी। इस बदलाव से प्रयागराज जंक्शन पर 120 ट्रेनों के ठहराव और 50 हजार यात्रियों के आवागमन पर असर पड़ेगा। महाकुंभ में अनिवार्य रूप से लागू व्यवस्था को 2031 कुंभ तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। दिल्ली-हावड़ा रूट के सबसे प्रमुख स्टेशन प्रयागराज जंक्शन समेत यहां मौजूद नौ रेलवे स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन, आवागमन, ट्रेनों के संचालन आदि के नियम एक बार फिर से बदल दिए गए हैं। देश भर से आने वाले यात्रियों को अब सख्त नियमों से नहीं जूझना पड़ेगा।
महाकुंभ में अनिवार्य रूप से लागू व्यवस्था को अब 2031 कुंभ तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। इन नियमों को आंशिक तौर पर अथवा कुछ जोड़ घटाव के साथ अब जनवरी 2026 में माघ मेले के दौरान लागू किया जाएगा। रेलवे ने 10 जनवरी 2025 से पूर्व की स्थिति को लागू कर दिया है।
अब प्रयागराज जंक्शन पर सिविल लाइंस साइड और सिटी साइड दोनों ओर से प्रवेश दिया जाएगा। यही क्रम सूबेदारगंज, छिवकी, नैनी, प्रयाग, फाफामऊ आदि स्टेशनों पर लागू होगा। कलर कोडिंग, दिशावार ट्रेन, आन डिमांड ट्रेन, डबल हेडेड ट्रेन, आश्रय स्थल से प्रवेश, टिकटिंग में छूट, क्विक रिस्पांस टीम, डायवर्जन आदि की व्यवस्था बदल गई है।
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इसका प्रभाव अकेले प्रयागराज जंक्शन पर 120 ट्रेनों के ठहराव और 50 हजार यात्रियों के आवागमन पर पड़ेगा। जबकि लखनऊ, अयोध्या, जौनपुर की ट्रेन प्रयागराज संगम, प्रयाग व फाफामऊ से मिलेंगी। रामबाग व झूंसी से वाराणसी-गोरखपुर की ओर। छिवकी-नैनी स्टेशन से पंडित दीन दयाल व मुंबई आदि के लिए ट्रेन मिलने लगी हैं। एक लाख से अधिक यात्रियों को लगभग 200 ट्रेनों से अब पूर्व की तरह सभी सुविधाएं मिलने लगी हैं।
प्रयागराज के स्टेशन के नियम महाकुंभ के बाद बदल गए हैं। जागरण
यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर अब सभी तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं। सभी गतिविधियां सामान्य हो गई हैं। ट्रेनों का संचालन भी पूर्व की भांति सुनिश्चित कर दिया गया है। प्रयागराज एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस और बीकानेर एक्सप्रेस जैसी वह ट्रेनें जो भीड़ प्रबंधन के कारण सूबेदारगंज से चलाई जा रही थी, उन्हें भी पूर्व की तरह प्रयागराज जंक्शन से चलाया जा रहा है। -अमित कुमार सिंह, पीआरओ, प्रयागराज मंडल
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कबाड़ बेचकर रेलवे का लक्ष्य पूरा कमाए 260.56 करोड़ रुपये
रेलवे बोर्ड ने उत्तर मध्य रेलवे को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 260 करोड़ के स्क्रैप बिक्री का लक्ष्य दिया था। एनसीआर ने इसे 19 दिन पहले ही पूरा कर लिया है। 12 मार्च को ही 260.56 करोड़ की आय कबाड़ बेच कर एनसीआर ने प्राप्त कर ली है। पिछले वित्तीय वर्ष में भी उत्तर मध्य रेलवे ने 296.03 करोड़ की स्क्रैप बिक्री का कीर्तिमान बनाया था। जबकि 2022-23 में 265.37 करोड़ से अधिक का राजस्व स्क्रैप बिक्री से अर्जित हुआ था।
महाप्रबंधक उपेंद्र चंद्र जोशी ने इसके लिए टीम को बधाई दी। कहा कि उत्तर मध्य रेलवे के "शून्य स्क्रैप" मिशन में यह एक बड़ी उपलब्धि है। इस बिक्री में कंडम वैगन, कोच, स्टील संरचनाएं और अन्य निष्प्रयोज्य सामग्री को शामिल किया गया था, जिन्हें सुनियोजित तरीके से निस्तारित किया गया।
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