यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सब बिगाड़ देगी महाकुंभ की पुलिस! पत्रकार की सरेआम पिटाई, महिला श्रद्धालु को भी सिपाही ने जड़ा थप्पड़
महाकुंभ मेले से पहले प्रशिक्षित की गई पुलिस खुद ही मेले की छवि खराब करने में लगी है। गुरुवार शाम ...और पढ़ें

HighLights
- सरकार की छवि खराब करने में भी नहीं छोड़ रहे कसर
- परिचय बताने पर भी गाली-गलौज करते हुए पीटते रहे
जागरण संवाददाता, महाकुंभ नगर। मेला शुरू होने से पहले साफ्ट स्किल की ट्रेनिंग लेने वाली महाकुंभ पुलिस मेला खराब करने पर अमादा हो गई है। श्रद्धालुओं से बदसलूकी करने वाली मेला पुलिस ने गुरुवार शाम वीडियो बनाने पर एक पत्रकार की बेरहमी से पिटाई की।
इतना ही नहीं, परिचय बताने के बावजूद गाली-गलौज करते हुए पीटते रहे और मोबाइल छीन लिया। थाने ले जाकर फर्जी मामले में जेल भेजने की धमकी दी। अलग-अलग ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात सिविल पुलिस और पीएसी के जवान प्रदेश सरकार की छवि खराब करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वहीं, कुछ पुलिस अधिकारी अनजान बने हुए हैं।

क्या है पूरा मामला?
गुरुवार शाम परेड मैदान में लाल रोड पर केंद्रीय चिकित्सालय के पास कुछ सफाई कर्मचारी किसी बात को लेकर झगड़ा कर रहे थे। देखते ही देखते उनके बीच मारपीट होने लगी। यह देख दैनिक जागरण महाकुंभ कार्यालय के बाहर मौजूद पत्रकार अमरीश मनीष शुक्ला वहां पहुंच गए।
वह अपने मोबाइल में घटना का वीडियो कैद करने लगे। इसी बीच कुछ सिपाही आए और बिना कुछ पूछे गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर पत्रकार की पिटाई शुरू कर दी। तब तक कई और पुलिसकर्मी आ गए और वह भी पीटने लगे।
फर्जी मुकदमे में फंसाने की दी धमकी
चंद कदम दूर स्थित महाकुंभ कोतवाली थाने पर पत्रकार को पकड़कर ले गए और मोबाइल छीनते हुए फिर से पिटाई की। इससे पत्रकार को गंभीर चोट लग गई। तब हमलावर पुलिसकर्मियों ने पत्रकार को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
घटना का पता चलने पर दूसरे पत्रकार साथी कोतवाली थाने पर पहुंचे तो अमरीश मनीष शुक्ला को छोड़ा गया। इस घटना से पहले भी कई पत्रकारों के साथ पुलिसकर्मी झगड़ा और गाली-गलौज कर चुके हैं। कोतवाली थाने के बाहर ही एक सिपाही ने महिला श्रद्धालु को सरेआम थप्पड़ जड़ा था, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ी थी।
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