विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Maha Kumbh 2025: सनातन बोर्ड का बना प्रारूप, धर्म संसद में पास होगा प्रस्ताव

Published: Sat, 30 Nov 2024 12:46 PM (IST)

महाकुंभ 2025 में सनातन धर्म की रक्षा के लिए सनातन बोर्ड के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। धर्म संसद ...और पढ़ें

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी को सनातन बोर्ड का प्रारूप देते आनंद अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि।-जागरण
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी को सनातन बोर्ड का प्रारूप देते आनंद अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि।-जागरण

HighLights

  1. अखिल भारतीय सनातन परिषद की ओर से होगा आयोजन
  2. शंकराचार्य, 13 अखाड़ों सहित प्रमुख संतों से मांगी जाएगी राय

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। वक्फ बोर्ड की भांति संत समाज लंबे समय से सनातन बोर्ड का गठन करने की मांग उठा रहा है। इसका प्रारूप तैयार कर लिया गया है। महाकुंभ में अखिल भारतीय सनातन परिषद इसको लेकर धर्म संसद का आयोजन करेगा। उसमें चारों पीठ के शंकराचार्य, 13 अखाड़ों सहित प्रमुख संतों को आमंत्रित किया जाएगा।

सनातन बोर्ड पर सबकी राय मांगी जाएगी। सामूहिक राय के आधार पर उसे अंतिम रूप देकर प्रस्ताव पास किया जाएगा। फिर प्रस्ताव को केंद्र व समस्त प्रदेशों की सरकार को भेजकर कर कार्रवाई की मांग की जाएगी। इसको लेकर शुक्रवार को महाकुंभ मेला क्षेत्र में संतों ने मंत्रणा की।

आनंद अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर बालकानंद गिरि ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए सनातन बोर्ड का गठन आवश्यक है। सनातन बोर्ड का काम किसी की संपत्ति पर कब्जा करना नहीं है, बल्कि मठ-मंदिरों व सनातन धर्मावलंबियों की सुरक्षा है। जो मठ-मंदिर कब्जा किए गए हैं अथवा ध्वस्त कर दिया गया है उसे कानूनी रूप से वापस लेने की लड़ाई लड़ी जाएगी। मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा।

इसे भी पढ़ें-नेपाल में पशु बलि रोकने के लिए सीमा पर निगरानी, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात

बोर्ड के प्रारूप को उन्होंने अखाड़ा परिषद (मनसा देवी ट्रस्ट) के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने सौंपा। श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने कहा कि धर्म संसद में प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद सनातन बोर्ड के गठन को लेकर आवाज निरंतर तेज होगी। देशभर में जनजागरण करने के साथ हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। उसे प्रधानमंत्री व समस्त प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को भेजा जाएगा।

नैनी के अरैल में महाकुंभ मेला को लेकर लगाया गया तंबू।-जागरण


इस दौरान बड़ा अखाड़ा निर्वाण के मुखिया महंत दुर्गा दास, महामंडलेश्वर प्रेमानंद पुरी, महामंडलेश्वर गुरु मां आनंदमयी, महामंडलेश्वर महेश गिरि, महामंडलेश्वर राजेंद्र गिरि, महामंडलेश्वर हरिओम गिरि, महामंडलेश्वर विष्णुचेतानंद गिरि, महामंडलेश्वर गजानन गिरि आदि मौजूद रहे।

यह है प्रारूप

  • केंद्र सरकार की ओर से सनातन बोर्ड को संवैधानिक मान्यता दी जाय।
  • सनातन बोर्ड के अध्यक्ष अखाड़ा परिषद के पदेन अध्यक्ष बनाए जाएं।
  • बोर्ड में 13 अखाड़ों के प्रमुख संतों को शामिल किया जाय।
  • बोर्ड में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति, वरिष्ठ अधिवक्ता, धर्माचार्य शामिल किए जाएं।
  • बोर्ड जिला स्तर पर मठ-मंदिरों का सर्वे करके उसकी स्थिति देखेगा।
  • कब्जा हुए मठ-मंदिरों को छुड़ाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
  • मतांतरण रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा।
  • गरीब सनातन धर्मावलंबियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।
  • धार्मिक गतिविधियां बढ़ाई जाएंगी।
  • संस्कृत भाषा, वेद-पुराणों के संरक्षण को गुरुकुल परंपरा को बढ़ावा दिया जाएगा।

इसे भी पढ़ें-यूपी कॉलेज में उमड़े नमाजी को लेकर छात्रों का विरोध, फोर्स ने संभाला मोर्चा

बालकानंद के शिविर का हुआ भूमि पूजन

महाकुंभ मेला क्षेत्र में आनंद अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि का शिविर लगाने के लिए भूमि पूजन किया गया। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी के नेतृत्व में स्वामी बालकानंद सहित तमाम संतों ने विधि-विधान से भूमि पूजन किया। संतों ने महाकुंभ के सकुशल संपन्न होने की कामना की।

स्वामी बालकानंद ने कहा कि महाकुंभ में सनातन धर्म के उत्थान को लेकर संत मंथन करेंगे। दुनियाभर में हमारे धर्म व संस्कृति का प्रचार-प्रसार हो उस दिशा में तमाम आयोजन किए जाएंगे।