Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Maha Kumbh 2025: संगम पर भगदड़ के बाद प्रशासन और अखाड़ों की अपील, अमृत स्नान स्थगित

    Maha Kumbh Mela 2025 प्रयागराज के संगम क्षेत्र में भगदड़ के बाद प्रशासन और अखाड़ों ने लोगों से अपील कर रहे हैं कि फिलहाल संगम स्नान करने न जाएं। मौके पर एंबुलेंस से लोगों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया। हर एक मिनट में एक एंबुलेंस घायलों को अस्पताल पहुंचा रही थी और फिर तेजी से वापस संगम की ओर लौट रही थी।

    By Jagran News Edited By: Vivek Shukla Updated: Wed, 29 Jan 2025 07:52 AM (IST)
    Hero Image
    अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने स्नान न करने की अपील की। जागरण

     जागरण संवाददाता, महाकुंभनगर। Maha Kumbh 2025 कुंभ मेले के दौरान मौनी अमावस्या पर संगम तट पर हुए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई। इस हादसे में कई श्रद्धालु घायल हो गए, जबकि कुछ की मौत की भी सूचना है। स्थिति को नियंत्रित करने और आगे की अनहोनी से बचने के लिए कुंभ मेला अधिकारी विजय किरन आनंद ने अखाड़ों से अपील की कि अमृत स्नान फिलहाल स्थगित कर दिया जाए।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने इस अपील पर सहमति जताते हुए कहा, "हम प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है।" भीड़ को नियंत्रित करने के लिए संगम जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है, और श्रद्धालुओं को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने कुंभ मेले के आयोजन में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि संतों से शिविर में जाने की अपील कर रहे हैं।

    नागवासुकी मार्ग पर श्रद्धालुओं की सांसें अटकी

    घटना के बाद शास्त्री ब्रिज से नागवासुकी जाने वाले मार्ग पर भी स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई थी। दारागंज चौराहे पर पुलिस ने श्रद्धालुओं को नागवासुकी की ओर जाने दिया, लेकिन वापसी करने वालों को रोक दिया। उन्हें जबरन संगम की ओर डायवर्ट कर दिया गया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

    Maha Kumbh 2025 संगम में स्नान करने के लिए जुटी भीड़। जागरण


    इसे भी पढ़ें- महाकुंभ में भगदड़: हादसे के बाद डटा पुलिस प्रशासन, श्रद्धालुओं के लिए बनी थी जानलेवा स्थिति

    श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण पैदल चलना तो दूर, खिसकना भी मुश्किल हो गया। एक तरफ लोग भीड़ में दबते जा रहे थे, तो दूसरी ओर पुलिस लगातार श्रद्धालुओं को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही थी। घुटन और भीड़ के दबाव के कारण श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। परेशान होकर कई श्रद्धालुओं ने मेला क्षेत्र में जगह-जगह लगी बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और इधर-उधर भागने लगे।

    इसे भी पढ़ें- Mahakumbh 2025: साथ में थे पांच लोग, धक्का आया और फिर कोई नहीं मिला... भगदड़ के चश्मदीदों ने बताया आंखों देखा हाल