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    Cyber Crime: चचेरे भाई और भांजे की फर्जी ID बनाकर 2.35 लाख ठगे, जांच में जुटी पुलिस

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 11:31 AM (IST)

    बिहार में साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति के चचेरे भाई और भांजे की फर्जी आईडी बनाकर 2.35 लाख रुपये की ठगी की। पीड़ित को इस बारे में तब पता चला जब उसके रिश्तेदारों ने उनसे संपर्क किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अपराधियों की तलाश जारी है। यह घटना साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को दर्शाती है।

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    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। साइबर अपराध से जुड़ी घटनाएं निरंतर बढ़ रही हैं। पुलिस के तमाम प्रयास के बाद भी ऐसी घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इस बार तो साइबर अपराधियों ने दो ऐसी घटनाएं की, जिसके बारे में शायद ही कोई सोच सकता है। दो महिलाओं के मोबाइल नंबर पर चचेरे भाई व भांजे की फर्जी आइडी बनाकर संदेश भेजा। इसमें रुपये मांगे गए थे। दोनों महिलाओं से 2.35 लाख की ठगी कर ली गई। बाद में दोनों महिलाओं को पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है तो संबंधित थाने पहुंचकर मुकदमा दर्ज कराया।

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    धूमनगंज थानांतर्गत उमरपुर नीवां की रहने वाली प्रतिमा पाल ने धूमनगंज पुलिस को तहरीर दी। बताया कि अज्ञात नंबर से उनके मोबाइल पर मैसेज आया। उसमें लिखा था कि आपके पड़ोस का रहने वाला दीपक जिससे आपका पारिवारिक संबंध है और वह एक तौर पर आपका भांजा लगता है, वह जेल में है। उसको पैसे की जरूरत है। साइबर अपराधी ने दीपक की फर्जी आइडी भी बनाई थी।

    इसी फर्जी आइडी के माध्यम से प्रतिमा से 85 हजार रुपये ऐंठे लिए। जबकि दीपक सउदी अरब में काम कर रहा है। प्रतिमा ने दीपक से संपर्क किया तो पता चला कि उसने सउदी में कार्य करने की बात कही। बोला कि उसे किसी प्रकार से रुपये की आवश्यकता नहीं है और तो और वह जेल में भी नहीं है।

    इसी प्रकार धूमनगंज के अबुबकरपुर निवासी आयशा बेगम ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके मोबाइल पर फेसबुक मैसेंजर पर क्लोनिंग द्वारा उनके चचेरे भाई को जेल में डालने संबंधित मैसेज भेजा गया। इसमें कहा गया कि उसके चचेरे भाई को जेल में डाल दिया जाएगा।

    बचाना है तो रुपये देने होंगे। इसके बाद साइबर अपराधियों ने अलग-अलग बैंक खातों में 1.50 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। बाद में आयशा बेगम को पता चला कि ऐसा कोई मामला ही नहीं था। धूमनगंज पुलिस दोनों मामलों की रिपोर्ट दर्ज कर जांच में जुट गई है।

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    विदेश भेजने के नाम पर युवक से 1.58 लाख की जालसाजी
    विदेश भेजने के नाम पर एक युवक से 1.58 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। यही नहीं 60 दिन का टूरिज्म वीजा बनवाकर दुबई भेज दिया गया। वहां से चार माह में ही युवक को वापस भारत वापस कर दिया गया। खुल्दाबाद पुलिस ने मो. समीर, उसके भाई अमन समेत तीन के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

    शाहगंज के दोंदीपुर निवासी मो. फैजान खुल्दाबाद थाने पहुंचा। पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि करेली के रहने वाले मो. समीर ने दुबई मे नौकरी दिलाने के लिए अपने भाई अमन से मिलवाया। बताया कि अमन दुबई में नौकरी लगवाता है। वहां 50 हजार रुपये प्रतिमाह, रहना खाना मुक्त रहेगा। झांसे में आकर फैजान ने आनलाइन व आफलाइन माध्यम से 1.58 लाख रुपये दे दिया।

    आरोप है कि समीर के एक दोस्त ने 19 मार्च 2025 को दुबई जाने का एक टिकट लखनऊ वाया दिल्ली और 60 दिन का टूरिज्म का एक वीजा बनवाकर दे दिया। फैजान दुबई चला गया, लेकिन चार माह बाद 11 अगस्त को उसे दुबई से वापस भेज दिया गया। कहा गया कि आपको वापस काम के लिए फिर बुलाया जाएगा। फैजान का आरोप है कि समीर का भाई अमन दुबई में ही यहां से लोगों का पैसा एकत्र करता है। उसने उससे संपर्क करना चाहा तो फोन बंद मिला।

    समीर से बात की तो उसने बोला कि हम एक दो दिन में रुपेय वापस कर देंगे। आठ अक्टूबर की शाम वह समीर के घर रुपये मांगने गया तो समीर और उसके भाई ने मिलकर अपशब्द बोलते हुए जान से मारने की धमकी दी। खुल्दाबाद पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।