Allahabad University में 15 दिन बढ़ गया शीतकालीन अवकाश, ग्रीष्माकालीन छुट्टियों में की गई कटौती
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के चलते वार्षिक अवकाश में बदलाव किया गया है। ग्रीष्मकालीन छुट्टी 15 दिन कम कर दी गई है, जबकि शीतकालीन ...और पढ़ें

प्रयागराज विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार शीतकालीन अवकाश बढ़ा जबकि ग्रीष्मकालीन छुट्टियों को घटाया गया है।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के लागू होने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय की स्नातक पढ़ाई सेमेस्टर प्रणाली में ढल चुकी है। इसका सीधा असर अब विश्वविद्यालय के वार्षिक अवकाश कैलेंडर पर दिखने लगा है। नए शैक्षणिक ढांचे के तहत गर्मियों की छुट्टियों में 15 दिन की कटौती की गई है, जबकि शीतकालीन अवकाश को 15 दिन बढ़ा दिया गया है। परिणामस्वरूप अब ग्रीष्मावकाश केवल एक महीने का रह गया है और शीतकालीन अवकाश अपेक्षाकृत लंबा हो गया है।
अवकाश में बदलाव का क्या है कारण?
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस बदलाव का मुख्य कारण वर्ष में दो बार होने वाली सेमेस्टर परीक्षाएं हैं। पहले वार्षिक परीक्षा प्रणाली के चलते गर्मियों में 45 दिन का लंबा अवकाश संभव था लेकिन अब नियमित अंतराल पर परीक्षाएं और शैक्षणिक गतिविधियां होने से अवकाशों का पुनर्संतुलन आवश्यक हो गया है।
मई नहीं जून से शुरू होगा ग्रीष्मावकाश
इसी क्रम में मई में शुरू होने वाला ग्रीष्मावकाश अब जून से आरंभ होगा जबकि 24 दिसंबर से शुरू हुआ शीतकालीन अवकाश के बाद विश्वविद्यालय 19 जनवरी को खुलेगा। हालांकि गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए कार्य-तिथि अलग रखी गई है।
सत्र 2025-26 से 4 वर्ष का स्नातक पाठ्यक्रम
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार गैर-शैक्षणिक स्टाफ सात जनवरी से कार्यभार संभाल लेगा ताकि कार्यालयी कार्य, परीक्षाओं का मूल्यांकन और परिणाम संबंधी प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जा सकें। इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने सत्र 2025-26 से स्नातक पाठ्यक्रम की अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर चार वर्ष कर दी है। इसके साथ ही स्नातक अध्ययन अब आठ सेमेस्टर में पूरा होगा।
शैक्षणिक कैलेंडर में व्यापक संशोधन
इस संरचनात्मक परिवर्तन के कारण शैक्षणिक कैलेंडर में भी व्यापक संशोधन किया गया है, ताकि पढ़ाई, परीक्षाएं और परिणाम समयबद्ध ढंग से संचालित हो सकें।
सेमेस्टर परीक्षाओं का मूल्यांकन जारी
विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाएं 23 दिसंबर को समाप्त हो चुकी थीं, जिसके बाद शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया। अवकाश के बावजूद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य लगातार जारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन का लक्ष्य जनवरी माह में ही परीक्षाफल घोषित करने का है ताकि अगले सेमेस्टर की पढ़ाई बिना किसी देरी के शुरू की जा सके।

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