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    'रास्ता भूल गए, स्‍नान करना या स्टेशन जाना है', कुंभ सहायक AI Chatbot से पूछ‍िए- म‍िलेगा हर एक जवाब

    Updated: Fri, 17 Jan 2025 10:53 AM (IST)

    महाकुंभ में देश-दुनिया से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए गए चैटबॉट को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 दिसंबर को संगम तट पर आयोजित समारोह में लॉन्‍च किया था। यह अब महाकुंभ का वर्चुअल टूर जैसा हो गया है। अब तक इस चैटबॉट से दो करोड़ आठ लाख लोग जुड़ चुके हैं। महाकुंभ के दौरान इस चैटबॉट से 11-12 करोड़ लोग जुड़ जाएंगे।

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    Mahakumbh 2025 में रास्‍ता बताएगा AI Chatbot।

    जागरण संवाददाता, महाकुंभ नगर। महाकुंभ में रास्ता भूल गए हों, स्टेशन जाना है या फ‍िर किसी संत के शिविर या स्नान और मठ-मंदिर जाना चाहते हैं तो आप कुंभ सहायक चैटबॉट से सहायता ले सकते हैं। महाकुंभ में देश-दुनिया से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए गए चैटबॉट को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 दिसंबर को संगम तट पर आयोजित समारोह में लॉन्‍च किया था। यह अब महाकुंभ का वर्चुअल टूर जैसा हो गया है।

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    अब तक इस चैटबॉट से दो करोड़ आठ लाख लोग जुड़ चुके हैं। संगम की पावन धरा पर आयोजित महाकुंभ की महाआभा बेहद तेज हो गई है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 34 दिनों में एआइ चैटबॉट से इतने लोग जुड़ चुके हैं। लोगों को इतना तेज जुड़ता देख अधिकारियों के साथ इस एप के विकसित करने वाले लोग भी काफी उत्साहित हैं।

    11-12 करोड़ लोग जुड़ेंगे

    अनुमान लगाया जा रहा है कि पूरे महाकुंभ के दौरान इस चैटबॉट से 11-12 करोड़ लोग जुड़ जाएंगे। इतना ही नहीं, अनुमान यह भी है कि महाकुंभ के पहले ही हफ्ते में ढाई करोड़ लोग इससे जुड़ जाएंगे। कुंभ सहायक एप चैटबॉट महाकुंभ में लोगों की सहायता के दृष्टिकोण से तैयार किया गया है। यह महाकुंभ से जुड़ी सारी जानकारियां दे रहा है।

    यह 11 भाषाओं में लिखकर या बोलकर सारी जानकारी दे रहा है। महाकुंभ के दौरान भोजन, रास्ता, पार्किंग, वॉशरूम, चेजिंग रूम और लॉकर सहित सभी जानकारी पलक झपकते दे रहा है। इस बार महाकुंभ को डिजिटल बनाने की कवायद काफी पहले से ही चल रही थी। जो पूरी तरह से सफल दिख रही है। इसका लाभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को मिल रहा है।

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    क्यूआर कोड स्कैन करते ही लें महाकुंभ की जानकारी

    महाकुंभ मेला क्षेत्र में जगह-जगह बड़ी-बड़ी होर्डिंग लगे हैं। इन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फोटो के साथ ही दिव्य, भव्य और डिजिटल कुंभ का स्लोगन लिखा है। इन होर्डिंग के नीचे क्यूआर कोड भी लगे हैं, जिन्हें स्कैन करते ही श्रद्धालु महाकुंभ के वर्चुअल संसार में पहुंच जाते हैं।

    क्‍यूआर कोड स्‍कैन करते ही उन्हें कुंभ से जुड़ी छोटी-बड़ी सभी जानकारी मिल रही है। मेले में होर्डिंग पर चार अलग-अलग तरह के क्यूआर कोड लगाए गए हैं। इन्हें स्कैन कर देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालु अपने स्मार्टफोन पर ढेरों जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

    AI कैमरे के जरिए महाकुंभ में भीड़ प्रबंधन

    महाकुंभ मेले में भीड़ प्रबंधन के लिए भी 328 एआइ कैमरे लगाए गए हैं। इनके जरिए मेला क्षेत्र में आने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है। महाकुंभ में 45 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। ये एआइ कैमरे लगातार हेड काउंट कर कंट्रोल रूम को अलर्ट करते हैं। इस तरह के कैमरों में प्रति मीटर हेड काउंट करने की क्षमता है।

    भीड़ को रोक देता है AI कैमरा

    किसी एरिया में जैसे ही क्षमता से ज्यादा भीड़ बढ़ती है, कैमरे के अलर्ट के बाद उस क्षेत्र में जाने वाला मूवमेंट रोक कर भीड़ को डायवर्ट कर दिया जाता है। इस तरह के कैमरे पार्किंग स्पेस, स्नान घाट, मेला प्रशासन और संगम तक पहुंचने वाले रास्तों पर लगाए गए हैं। मकर संक्रांति पर पांटून पुल संख्या दो व तीन तथा संगम तट पर अचानक भीड़ बढ़ने पर अलर्ट जारी किया था, जिस पर आवश्यक कदम उठाए गए थे।

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