महाकुंभ खत्म होने के बाद लोकल व्यापारियों के खिले चेहरे, खत्म हो गया था स्टॉक; स्थानीयों ने भी ली राहत की सांस
महाकुंभ मेला संपन्न होने के बाद जगह-जगह लगाई गई बैरिकेडिंग को हटा दिया गया है। इससे 33 दिन बाद बाजारों में दोबारा चहल-पहल दिखाई पड़ने लगी है। दुकानदारों के साथ आमजन को भी राहत मिली है। दरअसल बीते डेढ़ महीने से जाम के कारण बड़े वाहन शहर में प्रवेश नहीं कर पा रहे थे। बाजार में जो माल बचा था उसकी कीमत भी बढ़ गई थी।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। महाकुंभ मेला संपन्न होने के बाद जगह-जगह लगाई गई बैरिकेडिंग को हटा दिया गया है। इससे जहां यातायात सामान्य होने लगा है, वहीं खाद्य सामग्री से भरे वाहन भी शहर में प्रवेश करने लगे हैं। 33 दिन बाद बाजारों में दोबारा चहल-पहल दिखाई पड़ने लगी है।
इससे दुकानदारों के साथ आमजन को भी राहत मिली है। दरअसल बीते डेढ़ महीने से जाम के कारण बड़े वाहन शहर में प्रवेश नहीं कर पा रहे थे। बाजार में जो माल बचा था, उसकी कीमत भी बढ़ गई थी।
अब लगेगा होली का बाजार
महाकुंभ मेला के दौरान जगह-जगह बैरिकेडिंग लगने और यातायात व्यवस्था बदले जाने से व्यापक रूप से प्रभावित खाद्य कारोबार ने गुरुवार से कुछ हद तक रफ्तार पकड़ लिया है। चौक, मुट्ठीगंज, कटरा, सुलेमसराय, मुंडेरा बाजार में खरीदारों की भीड़ नजर आने लगी है। इससे व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। व्यापारियों का कहना है कि अब होली का बाजार तेजी से चढ़ेगा।
खत्म हो गया था स्टॉक
23 जनवरी के बाद से गल्ला और किराना व्यापार के प्रमुख केंद्र चौक, मुट्ठीगंज, कटरा, सुलेमसराय, मुंडेरा में कारोबार ठंडा पड़ गया था। आटा, चीनी, मैदा, सूजी, मावा समेत अन्य खाद्य पदार्थों से लदे भारी वाहन की आवाजाही रुकने से स्टॉक खत्म हो गया था। गंगापार और यमुनापार के थोक व्यापारी, जो नियमित रूप से उक्त बाजारों से आटा, दाल, चीनी, तेल और मावा जैसी आवश्यक वस्तुएं खरीदते थे, वे बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंधों के चलते बाजारों तक पहुंच ही नहीं पाए।
स्थानीय लाेगों को हो रही थी दिक्कत
स्थानीय लोगों को भी बाजारों तक पहुंचने में काफी दिक्कत हो रही थी। इससे व्यापारियों के कारोबार पर खासा असर पड़ा था। व्यापारी लगातार पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से कहते रहे कि भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर कोई रास्ता निकाला जाए, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी अधिक थी कि कोई कुछ नहीं कर पा रहा था।
खाद्य कीमतों पर दिखा असर
इस दौरान इक्का-दुक्का वाहन ही छोड़े जा रहे थे। इससे स्टॉक की पूरी तरह से भरपाई नहीं हो सकी और इसका असर खाद्य कीमतों पर पड़ा। आटा, चीनी, मैदा व सूजी की कीमतों में वृद्धि हुई। लोगों काे डर सताने लगा था कि अगर समय रहते वाहन शहर में प्रवेश नहीं कर पाए तो फिर इसका असर होली पर पड़ेगा।
महाशिवरात्रि के बाद हटा दी गई बैरिकेडिंग
आपको बता दें कि महाशिवरात्रि के बाद बुधवार की देर रात से ही सभी बैरिकेडिंग को हटा दिया गया। गुरुवार सुबह बाजार खुलते ही लोगों को भीड़ देखी गई। खास गल्ला मंडी में लोगों की भीड़ रही।
बोले व्यापारी
वाहनों पर प्रतिबंध होने से खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति बंद सी हो गई थी। ट्रक वाले भाड़ा अधिक ले रहे थे, जिस कारण कीमतों में मामूली वृद्धि हुई। - राकेश केसरवानी
जगह-जगह लगाई गई बैरिकेडिंग हटने से व्यापारी और ग्राहक दोनों राहत महसूस कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द बाजार पूरी तरह से सामान्य हो जाएगा। - रमेश चंद्र केसरवानी
व्यापारियों को 33 दिनों तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन अब जब स्थिति सामान्य हो रही है तो उन्हें उम्मीद है कि अब कारोबार गति पकड़ेगा। - फरीद साबरी
ग्राहक दूरदराज से आते हैं, लेकिन मेले के कारण रास्ते बंद हो गए थे। इससे व्यापार प्रभावित हुआ। होली के पहले कारोबार फिर से पटरी पर आ जाएगा। - अभिषेक मित्तल
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