यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Pratapgarh News: बढ़ती महंगाई ने बिगाड़ा लोगों का बजट, सरसों-रिफाइंड समेत अन्य खाद्य सामग्रियां हुईं महंगी
सरसों के तेल और रिफाइंड के बढ़ते दामों ने लोगों की जेब ढीली कर दी है। दाल और सब्जी में ...और पढ़ें

HighLights
- आम आदमी के लिए आफत भरी साबित हुई बरसात
- आवागमन बंद होने से बढ़ रहे खाद्य सामग्रियों के दाम
संवाद सूत्र, प्रतापगढ़। सरसों के तेल और रिफाइंड के तेवर नरम नहीं पड़ रहे हैं। इस वजह से दाल और सब्जी में तड़का लगाना महंगा हो गया है। फुटकर दुकानों पर सरसों तेल का दाम फिर से बढ़ गया। अन्य खाद्य सामग्रियों के दाम भी बढ़ने से किचन का बजट गड़बड़ा गया है। बरसात का असर खाद्य सामग्रियों पर भी पड़ रहा है।
बरसात ने बढ़ाई आफत
कई राज्यों में तेज बरसात होने से बाढ़ आ गई है। हाईवे बंद कर दिए गए हैं। इससे वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। जो वाहन आ भी रहे हैं वह दूसरे रास्ते से होकर गुजर रहे हैं। इससे खाद्य सामग्रियां महंगी हो गई हैं। रोजमर्रा की चीजें सबसे अधिक महंगी हुई हैं। इसमें 10 दिन पहले रिफाइंड 120 रुपये लीटर की दर से बिक रहा था। अब उसका दाम बढ़कर 135 रुपये हो गया है।
खाद्य सामग्रियों के दाम बढ़े
इसके अलावा सरसों का तेल 130 रुपये लीटर से बढ़कर 155 रुपये लीटर हो गया है। मखाना 1100 से बढ़कर 1400 रुपये किलो, चने की दाल 80 से 100 रुपये किलो, वनस्पति घी 120 से 140 रुपये किलो, काजू 800 से बढ़कर 1000 रुपये, नारियल 160 रुपये किलो से 260 रुपये किलो और चावल 30 रुपये से बढ़कर 40 रुपये किलो हो गया है। खाद्य सामग्रियों के महंगे होने से गरीब व मध्यम वर्ग की जेब ढीली हो रही है।
