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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Swami Karpatri: जिन्होंने इंदिरा गांधी से ली थी टक्कर,आजादी के लिए गए थे जेल; कौन हैं स्वामी करपात्री महाराज

Published: Fri, 18 Aug 2023 08:43 AM (IST)

Swami Karpatri आज स्वामी करपात्री जी महाराज का जन्मोत्सव है। केंद्र सरकार ने स्वामी करपात्री जी महाराज पर डाक टिकट ...और पढ़ें

जिन्होंने इंदिरा गांधी से ली थी टक्कर,आजादी के लिए गए थे जेल
जिन्होंने इंदिरा गांधी से ली थी टक्कर,आजादी के लिए गए थे जेल

प्रतापगढ़, जागरण संवाददाता। धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो। प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो, गौ हत्या बंद हो। सनातन धर्म का प्राण बना यह जयघोष प्रतापगढ़ में जन्मे स्वामी करपात्री जी महाराज ने दिया था। आज शुक्रवार को उनका जन्मोत्सव है। उनका जन्म श्रावण मास शुक्ल पक्ष द्वितीया को भटनी लालगंज गांव में हुआ था। बचपन में उनका नाम हरिनारायण था। वह आठ-नौ वर्ष की आयु से ही घर से चले गए थे। उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती तक को भी शास्त्रार्थ में पराजित किया था।

देश की आजादी की लड़ाई में जेल गए। देश स्वतंत्र होने पर 1948 में अखिल भारतीय रामराज्य परिषद दल बनाया। प्रवचनों के जरिए सनातन मत का प्रचार प्रसार किया। माघ मेले और कुंभ में उनके प्रवचन सुनने के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ते थे। वह सच्चे गोसेवक भी थे। गोवध के विरोध में उनके नेतृत्व में संतों ने नवंबर 1966 को संसद के सामने ऐतिहासिक धरना दिया था।

मिली थी धर्मसम्राट की उपाधि

निहत्थे संतों पर गोली चलाई गई। बाद में तत्कालीन गृहमंत्री गुलजारी लाल नंदा ने त्यागपत्र दे दिया था। मुंबई में हुए एक शास्त्रार्थ में उन्हें धर्मसम्राट की उपाधि मिली थी। परिवार से जुड़े शिवराम ओझा कहते हैं कि स्वामी जी हमेशा यही कहते थे कि स्वतंत्र विधान, स्वतंत्र संस्कृति, स्वतंत्र भाषा और स्वतंत्र परंपरा में ही सब काम होना ही देश की स्वतंत्रता की पहचान है।

ऐसे पड़ा करपात्री नाम

हाथ में जितना आता था, उतना ही प्रसाद पाते थे, इसी आधार पर उनका नाम करपात्री पड़ा। उनके द्वारा दिया गया जयघोष हर धार्मिक अनुष्ठान में गूंजता है। उन्होंने रामायण मीमांसा समेत कई ग्रंथों की रचना की है। शिक्षा क्षेत्र में धर्मसंघ शिक्षा मंडल की स्थापना उनकी ही देन है। प्रतापगढ़ से निकले इस धर्म के प्रचारक ने न सिर्फ देश बल्कि विदेश में भी सनातन का परचम लहराया।

जारी हुआ है डाक टिकट

केंद्र सरकार ने स्वामी करपात्री जी महाराज पर डाक टिकट पिछले साल जारी किया था। पांच रुपये मूल्य के डाक टिकट को दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जारी करके सनातन धर्म के पोषक को श्रद्धांजलि दी थी। इधर जिले के वरिष्ठ साहित्यकार डा. संगम लाल त्रिपाठी भंवर स्वामी करपात्री जी पर पुस्तक लिख चुके हैं। इसमें संत के बारे में कई रोचक व अहम जानकारी समाहित की गई है।

करपात्री धाम में आज होंगे कार्यक्रम

रानीगंज कैथोला के अनुसार भटनी के करपात्री धाम में शुक्रवार को जन्मोत्सव में विभिन्न कार्यक्रम होंगे। सुबह पादुका पूजन, पार्थिव पूजन के उपरांत रुद्राभिषेक किया जाएगा। दोपहर दो बजे से सांस्कृतिक, धार्मिक और शास्त्रीय चर्चा होगी। शाम में करपात्री दीपावली का आयोजन किया जाएगा। व्यवस्थापक शिवराम ओझा ने बताया कि इस अवसर पर विद्वान, कवि, अधिकारी, राजनेता, सनातन धर्म के पोषक सामाजिक लोगों का जमावड़ा होगा।

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