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    84 के दंगों को सिख समाज भूला नहीं

    By JagranEdited By:
    Updated: Wed, 05 Jan 2022 11:15 PM (IST)

    पीलीभीतजेएनएन पंजाबी अकादमी के उपाध्यक्ष गुरविदर सिंह छाबड़ा ने कहा कि सिख समाज 1984 का कत्लेआम भूला नहीं है। कानपुर में 127 सिखों का कत्लेआम हुआ था। 1 ...और पढ़ें

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    84 के दंगों को सिख समाज भूला नहीं

    पीलीभीत,जेएनएन: पंजाबी अकादमी के उपाध्यक्ष गुरविदर सिंह छाबड़ा ने कहा कि सिख समाज 1984 का कत्लेआम भूला नहीं है। कानपुर में 127 सिखों का कत्लेआम हुआ था। 1984 में उत्तर प्रदेश दंगों की जांच के लिए यूपी सरकार ने एसआइटी का गठन किया है। जल्द ही आरोपित जेल में होंगे। उन्होंने कहा कि इस सरकार में सभी को न्याय मिला है। सिख समाज 84 का दंश कभी भूल नहीं सकता है।

    बुधवार को पंजाबी अकादमी के उपाध्यक्ष भाजपा के जिला कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 84 दंगों में कांग्रेस के नेताओं को भाजपा सरकार ने जेल भेजा है। उत्तर प्रदेश के दंगाइयों को भी जल्द ही जेल में होंगे। उन्होंने कहा कि सिखों की बरसों पुरानी गुरुद्वारा श्रीकरतारपुर साहिब को खुलने व दर्शन की मांग को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरा किया है। अफगानिस्तान से पवित्र गुरुग्रंथ साहिब के स्वरूप को सम्मान के साथ वापसी कराई। सिख समाज को जो सम्मान भाजपा में मिल रहा है वह किसी और सरकार में नहीं मिला है। दूसरे देशों से 529 अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को सुरक्षित लाया गया, जिसमें अधिकतर सिख समाज के लोग हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर तीन बार श्रीगुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व पर कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। सिख इतिहास को यूपी के पाठ्यक्रम शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने एक एप लांच किया है, जिससे बच्चों को पंजाबी सिखाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे पंजाबी भाषा को भी बढ़ावा मिलेगा।