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    ग्रेटर नोएडा में विकास के साथ रोजगार पर फोकस, यमुना सिटी में नियोजित तरीके से बसाए जा रहे सेक्टर

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 11:59 PM (IST)

    नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी को 'हर हाथ को काम, हर सिर को छत' की परिकल्पना के साथ विकसित किया जा रहा है। नियोजित तरीके से आवासीय, औद्योगिक और संस ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। हर हाथ को काम और हर सिर को छत की परिकल्पना के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा को विकसित किया गया और अब यमुना सिटी को किया जा रहा है। शहर की बसावट के साथ ही लोगों को रोजगार और उनके सिर पर छत के लिए नियोजित तरीके से सेक्टरों को बसाया गया है। आवासीय, संस्थागत, औद्योगिक, बाजार हर वर्ग के लिए जगह निर्धारित की गई है।

    हर वर्ग से संबंधित लोगों के लिए उनके सामर्थ्य के मुताबिक आवासीय योजनाएं भी लाई गईं। जनसंख्या नियोजन के लिए यह बहुत जरूरी है। कार्पोरेट, आईटी कंपनियों, उद्यमियों के लिए भी यहां आवास की प्लानिंग की गई है, तो वहीं कामगार वर्ग के लिए भी प्लाट और फ्लैट नियोजित किए गए हैं। आईटी और डाटा सेंटर जैसे संस्थान से लेकर फैब्रिकेटेड उद्योग में कार्य करने वाले मेकेनिक के लिए उनकी जरूरत के मुताबिक स्कूल, अस्पताल, बाजार, आवास आदि को उपलब्ध कराया गया है।

    कामगारों का एक वर्ग जिसके लिए हर सुबह प्रतिदिन के हिसाब से नई नौकरी की तलाश रहती है, उनके लिए निर्धारित लेबर चौक को स्थापित किया। नोएडा के सेक्टर 58 और ग्रेटर नोएडा का डेल्टा गोलचक्कर पर सुबह की पहली किरण के साथ ही हुनरमंद कामगार एकत्रित हो जाते हैं। जरूरत के मुताबिक शहर के लोग उन्हें प्रतिदिन या फिर सप्ताह महीने भर के जरूत के मुताबिक काम के लिए रख लेते हैं।

    कई बार प्राधिकरण भी फैक्ट्रियों में रोजगार मुहैया कराने के लिए कैंप का आयोजन करती हैं, जहां एक साथ 50 या उससे अधिक लोगों को रोजगार मिल जाता है। सूक्ष्म व लघु उद्योग की शुरुआत करने के लिए आज के समय कई युवा, महिलाएं यहां तक कि 50 की उम्र पार कर चुके लोग सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर अपना उद्योग स्थापित करने को आगे आ रहे हैं।

    उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से साइट पांच में निर्मित 17 फ्लैटेड फैक्ट्री किराये पर उपलब्ध करा रही है। यहां उद्योग संचालित होने के साथ ही रोजगार भी उपलब्ध हो रहे हैं। बिल्डर परियोजनाओं के लिए जरिये नोएडा के सेक्टर 70 से लेकर 79, सेक्टर 50, सेक्टर 34, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, ग्रेटर नोएडा के ओमीक्रोन, बिल्डर्स एरिया, चाई, फाई, यमुना प्राधिकरण में क्षेत्र में लाखों लोगों को आशियाना मिलने के साथ ही इनके निर्माण के लिए हजारों लोगों को रोजगार तक उपलब्ध हो रहे हैं। श्रमिकों को बिल्डर साइट पर अस्थाई आवास के साथ ही सामूहिक किचन की व्यवस्था कर प्रदूषण नियंत्रण को ध्यान में रखा गया।

    शहर को सेफ सिटी के तौर पर विकसित करने के उद्देश्य से आने वाले दिनों में कालेज में पढ़ाई करनी वाली छात्राओं और वर्किंग महिलाओं के लिए भी वीमेंस हास्टल बनाए जाने हैं। हास्टल में लाइब्रेरी, कान्फ्रेंस हाल, कंप्यूटर, लैब, मैस आदि सुविधाएं भी होंगी। शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए प्राइवेट और सरकारी संस्थान हैं। 150 से अधिक कौशल विकास केंद्रों के जरिये पिछले तीन वर्ष में अब तक 10 हजार से अधिक युवाओं को कुशल बना उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया।