नोएडा में श्रमिक संग्राम या सोची-समझी साजिश? योगी सरकार ने बनाई हाईपॉवर कमेटी; अब होगा समस्याओं का समाधान
नोएडा में श्रमिकों ने वेतन वृद्धि के लिए प्रदर्शन किया, जिसके बाद हिंसा हुई। यह मामला लखनऊ तक पहुंचा और ...और पढ़ें

नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में सोमवार को श्रमिकों ने वेतन में बढ़ोतरी करने के लिए प्रदर्शन किया। इस बीच जगह-जगह हिंसा भी हुई।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नोएडा/लखनऊ। नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में सोमवार को श्रमिकों ने वेतन में बढ़ोतरी करने के लिए प्रदर्शन किया। इस बीच जगह-जगह हिंसा भी हुई। पुलिस को बल प्रयोग कर लोगों को तितर-बितर करना पड़ा। अब यह मामला यूपी की राजधानी लखनऊ में बैठे जिम्मेदारों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है।
प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार की ओर से इस मामले को अब जल्द से जल्द निस्तारित करने का आदेया आ गया है। श्रमिकों और औद्योगिक प्रशासन के बीच तालमेल बिठाते हुए निर्णय लेने के लिए एक हाईपावर कमेटी का गठन किया गया है।
कमेटी में श्रमिक और उद्यमी संगठन के लोग भी
इस संबंध में श्रम विभाग की ओर से जारी किए गए शासनादेश के अनुसार, गौतमबुद्धनगर में इंडस्ट्रीज और श्रमिकों के बीच असामंजस्य को दूर कर शांति स्थापित करने का आदेश दिया गया है। इस समन्वय को अंजाम देने के लिए विभाग की ओर से एक हाईपावर कमेटी का गठन करने की जानकारी दी गई है।
इसकी अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त करेंगे। वहीं, सदस्यों में अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, श्रम एवं सेवायोजन विभाग के प्रमुख सचिव, श्रम आयुक्त कानपुर, श्रमिक संगठन के पांच प्रतिनिधियों समेत उद्यमी संघ के तीन प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। इस समिती को उच्च प्राथमिकता के साथ श्रमिक आंदोलन के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
सैलरी स्लिप दिखाकर कहा-मिलते हैं 10 हजार
इस बीच दैनिक जागरण से बातचीत में प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने अपनी सैलरी स्लिप करते हुए दिखाया कि आठ-आठ जीतोड़ मेहनत करने के बाद भी मात्र 10 से 11 हजार रुपये के बीच ही वेतन दिया जा रहा है।
वहीं, उन्होंने यह भी बताया कि ओवरटाइम का रुपया भी नियमित तरीके से नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस महंगाई में कमरे का किराया और तमाम खर्च को इतने कम वेतन में पूरा करना असंभव है। उन्होंने मांग की है कि उनका वेतन मानक के अनुरूप किया जाए।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव का जुबानी प्रहार
इस पूरे मामले को अब राजनीतिक रंग भी दिया जा रहा है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, 'भाजपा सरकार महंगाई और बेरोजगारी को बढ़ाकर लोगों के साथ अन्याय कर रही है। सरकार मजदूरों के साथ आर्थिक अन्याय कर रही है। हर तरह का अन्याय कर रही है। नोएडा में मजदूरों के साथ हुई घटना के लिए पूरी तरह से सरकार जिम्मेदार है। भाजपा सरकार संविधान से नहीं, बल्कि मनविधान से चल रही है। भाजपा सरकार लोकतंत्र से नहीं एकतंत्र से चल रही है।'
राजनीतिक षड्यंत्र की जांच के आदेश
उधर, कांग्रेस की ओर से भी इस मामले में विरोध जताते हुए भाजपा को घेरने की कोशिश की गई है। इसे देखते हुए यूपी सरकार की ओर बताया गया है कि स्वार्थपरक और राजनीतिक विद्वेष माहौल ख़राब करने की गहन जांच भी होगी। अराजकता नहीं होने दी जाएगी। उत्तर प्रदेश में समस्याओं का उचित समाधान निकलेगा।
ऐसे में अब नोएडा में हिंसक हो चुके श्रमिकों के प्रदर्शन को लेकर शासन स्तर पर बनाई गई हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। वहीं, सोशल मीडिया में मामले को लेकर भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ भी निगरानी रखी जा रही है।
यह भी पढ़ें- नोएडा में कर्मचारियों के बवाल के बाद पुलिस अलर्ट, फैक्ट्रियों के बाहर सुरक्षा सख्त; रूट डायवर्ट
यह भी पढ़ें- नोएडा में मजदूरों को कितना मिलता है वेतन, आखिर गुरुग्राम से क्यों हो रही तुलना? समझिए न्यूनतम मजदूरी का पूरा गणित
यह भी पढ़ें- पुलिस की जीप समेत 5 गाड़ियां फूंकी, नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग पर अड़े हजारों श्रमिक; हाई अलर्ट पर दिल्ली पुलिस
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।