नोएडा में श्रमिकों के हिसंक प्रदर्शन के कारण स्कूल बसों के रूट बदले, छात्रों की सुरक्षित घर पहुंचाया
नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर हुए उग्र प्रदर्शन के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। स्कूलों से घर लौट रहे छात्रों ...और पढ़ें

छात्रों को सुरक्षित घर पहुंचाया गया। फोटो: जागरण
HighLights
वेतन वृद्धि प्रदर्शन से नोएडा में जनजीवन प्रभावित हुआ
स्कूलों ने छात्रों की सुरक्षा हेतु बस रूट बदले
अभिभावकों को सूचित कर बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाया
जागरण संवाददाता, नोएडा। शहर में वेतन वृद्धि को लेकर कर्मचारियों के उग्र प्रदर्शन का असर जनजीवन पर साफ देखने को मिला। वहीं स्कूलों से घर लौट रहे छात्रों को भी परेशानी झेलना पड़ी।
शहर में जगह जगह रास्ता रोकना, तोड़फोड़, चक्का जाम करने से ट्रैफिक जाम बना रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने समय रहते कदम उठाते हुए स्कूलों ने बसों के रूट डायवर्ट किए जिससे छात्र समय पर सुरक्षित घर पहुंच सकें। इससे पहले स्कूलों के पास अभिभावकों के फोन पहुंचे,कि उनके बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए बसों का रूट डायवर्ट कर दें।
वहीं स्कूलों बसों के कई प्रमुख रूट जैसे सेक्टर 62,63,93,80,22,60,हाजीपुर और सेक्टर 98 को बदल दिया गया। ट्रैफिक और प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक मार्गों से बच्चों को घर पहुंचाया गया।
इस दौरान कई अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन से संपर्क कर अपने बच्चों को स्कूल में ही रोकने या पास में रहने वाले रिश्तेदारों के यहां छोड़ने का अनुरोध किया। स्कूलों ने मीटिंग कर सभी शिक्षकों को बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने के निर्देश दिए।
हालांकि भारी ट्रैफिक के चलते अभिभावक अपने बच्चों को लेने से स्कूल देर से पहुंचे। वहीं कुछ अभिभावक समय से पहले ही अपने बच्चों को स्कूल लेने पहुंचे।
स्कूल की छुट्टी होने से पहले सभी अभिभावकों को प्रदर्शन होने के कारण बसों के रूट डायवर्जन का मैसेज भेज दिया गया था, कुछ अभिभावक बच्चों को लेने स्वयं स्कूल आ गए थे।
- उमाशंकर सिंह,प्रधानाचार्य, महर्षि विद्या मंदिर विद्यालयस्कूल से समय पर बसों को निकाला गया। साथ ही सभी बसों में अधिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। कई अभिभावक बच्चों को स्कूल लेने स्वयं आ गए थे।
- शिखा शर्मा ,प्रधानाचार्य, इंडस वैली पब्लिक स्कूलशहर में उपद्रव होने की सूचना मिलते ही स्कूल में मीटिंग की गई। बसों के रूट बदले गए और सभी शिक्षकों को बच्चों को सुरक्षित घर तक पहुंचाने जिम्मेदारी दी।
- आशा प्रभाकर, प्रधानाचार्य, बालभारती पब्लिक स्कूल
