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नोएडा में हिंसा के लिए मजदूर बिगुल दस्ता संगठन ने श्रमिकों को भड़काया, 17 वॉट्सएप ग्रुप के 18 सदस्य दबोचे

Published: Wed, 15 Apr 2026 10:37 PM (IST)

नोएडा में औद्योगिक हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी के बाद पुलिस जांच में 'मजदूर बिगुल दस्ता' संगठन का नाम सामने आया ...और पढ़ें

नोएडा में सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान तैनात फोर्स। फोटो : पीटीआई

नोएडा में सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान तैनात फोर्स। फोटो : पीटीआई

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जागरण संवाददाता, नोएडा। तीन औद्योगिक क्षेत्र में हिंसक झड़प, तोड़फोड़, बवाल और आगजनी के बाद नोएडा पुलिस की जांच में मजूर बिगुल दस्ता संगठन का नाम सामने आया है। संगठन लखनऊ का बताया गया है। मुख्य आरोपित रूपेश राय और अन्य सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है।

श्रमिकों को भड़काकर माहौल बिगाड़ने वाले 17 वॉट्सएप ग्रुप के 18 आरोपितों को भी गिरफ्तार किया है। 200 से ज्यादा आरोपितों से पूछताछ हो रही है। बुधवार को संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा के बीच 70 प्रतिशत औद्योगिक इकाइयों में 65 प्रतिशत श्रमिक पहुंचें। 20 प्रतिशत श्रमिकों ने नई शर्तों के तहत काम नहीं किया।

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श्रमिकों को जोड़कर कब बनाए गए वॉट्सएप ग्रुप?

सेक्टर-60, 63, 84 और 140 में श्रमिकों ने सड़क जाम का प्रयास किया, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने समझा कर हटवा दिया। जिलाधिकारी और एडीएम ने पहुंचकर श्रमिकों को सभी मांगे मानने की जानकारी दी। उधर, पुलिस ने सोशल मीडिया से अफवाह फैलाने के आरोप में राजद की प्रवक्ता प्रियंका भारती और कंचन यादव पर मुकदमा दर्ज किया है।

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पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि बिगुल दस्ता संगठन के सदस्यों ने सुनियोजित तरीके से विभिन्न क्षेत्रों के श्रमिकों को जोड़कर वॉट्सएप ग्रुप बनाए। ये सभी ग्रुप 12, 13, 14 अप्रैल को बने थे। सभी ग्रुप में संगठन के मुख्य सदस्य ही एडमिन या सक्रिय व्यक्ति के रूप में जुड़े थे। उन्होंने हिंसा भड़काने वाले संदेश साझा किए।

घूम-घूमकर मजदूरों को भड़का रहे थे संगठन के लोग

श्रमिकों की वास्तविक मांगों जैसे वेतन वृद्धि या कार्य स्थितियों में सुधार को लेकर कोई चर्चा नहीं की थी। योजनाबद्ध तरीके से कर्मचारियों को उकसाने, भीड़ जुटाने एवं औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ करने जैसी बातें लिखी जा रही थीं। आरोपितों ने श्रमिकों को मिर्ची पाउडर लाने के भी बरगलाया था।

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शुरुआती जांच में आया है कि तीन दिनों में 80 से अधिक ग्रुप तैयार किए गए थे, जिनमें से करीब 50 ग्रुप की जानकारी पुलिस को मिल चुकी है। इनमें से 17 ग्रुप का सत्यापन किया गया है। पूरी गतिविधि पूर्व नियोजित और संगठित तरीके के सदस्य चला रहे थे।

इसके बाद पुलिस ने मजदूर बिगुल दस्ता संगठन के रूपेश राय समेत 18 को गिरफ्तार कर लिया। संगठन के लोग औद्योगिक क्षेत्रों में घूम-घूमकर मजदूरों को भड़काने का काम कर रहे थे। इससे पहले संगठन का नाम हरियाणा के मानेसर में हुई औद्योगिक हिंसा में भी सामने आया था। इसका नेटवर्क केवल नोएडा तक सीमित नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी सक्रिय है।

भारी सुरक्षा बल तैनात, नहीं हुई 20 हजार श्रमिकों की पंचायत

फेज-दो में सुबह से ही अर्धसैनिक बलों की तैनाती थी। अधिकारी और पुलिस बल लगातार क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। सुबह आठ बजे करीब एक कंपनी के बाहर 15-20 महिलाएं वेतन वृद्धि पर प्रदर्शन करने लगीं। उन्हें अधिकारियों ने समझाकर शांत कराया। इसी तरह सेक्टर-63 में साहू ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड में श्रमिकों ने सड़क जाम व प्रदर्शन का प्रयास, लेकिन पुलिस ने उन्हें समझाकर वहां से हटवा दिया।

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इसके अलावा 20 हजार श्रमिकों ने मदरसन कंपनी के बाहर पंचायत का ऐलान किया था। प्रशासन की चेतावनी के बाद श्रमिक नहीं पहुंचे , जिससे पंचायत नहीं हो पाई। सेक्टर-84 में एडीएम वित्त एवं राजस्व ने पैदल मार्च किया।

सेक्टर-63 में एडीएम एलए, सेक्टर-81 व डिक्सन कंपनी में एडीएम प्रशासन, डिप्टी कलेक्टर वेदप्रकाश ने व्यवस्था बनाए रखी जबकि जिलाधिकारी मेधा रूपम ने सेक्टर-84 की रिचाको एक्सपोर्ट्स लिमिटेड में नाराज श्रमिकों को उच्च समिति द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी दी। चप्पे-चप्पे पर भारी सुरक्षा बल की तैनाती के कारण शांति व्यवस्था रही।

तोड़फोड़ और हिंसक प्रदर्शन में डेढ़ हजार पर मुकदमा दर्ज

सेक्टर-62 में प्रदर्शन और तोड़फोड़ मामले में सेक्टर-58 थाना पुलिस ने डेढ़ हजार से ज्यादा उपद्रवियों पर मुकदमा दर्ज किया है। इसमें सेक्टर-58 के संजय कुमार ने जिम में तोड़फोड़ करने पर 600 से ज्यादा जबकि दिनेश मलिक की शिकायत पर 1200 से ज्यादा आरोपितों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

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