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श्रमिकों की सैलरी पर प्रशासन का नया ऑर्डर, अकाउंट में आएगा वेतन; सैलरी स्लिप भी जरूरी

Published: Wed, 15 Apr 2026 08:44 PM (IST)Updated: Thu, 16 Apr 2026 05:40 AM (IST)

नोएडा में श्रमिकों के उपद्रव के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। हाई लेवल कमेटी ने सभी आउटसोर्सिंग एजेंसियों को ...और पढ़ें

सोमवार को हुए उपद्रव के बाद बुधवार को जब फैक्ट्री खुली तो नोएडा फेज दो स्थित फैक्ट्री में काम करने जाते कामगार। सौरभ राय

सोमवार को हुए उपद्रव के बाद बुधवार को जब फैक्ट्री खुली तो नोएडा फेज दो स्थित फैक्ट्री में काम करने जाते कामगार। सौरभ राय

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जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। जिले में श्रमिकों के उपद्रव और हिंसक प्रदर्शनों के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में हाई लेवल कमेटी के सदस्यों ने सभी आउट सोर्सिंग व संविदाकार एजेंसियों को वेतन का भुगतान सीधे श्रमिकों के बैंक खाते में करने व पे स्लिप भी देने के लिए कहा है।

वहीं मंगलवार देर रात बैठक कर डीएम मेधा रूपम ने भी आउटसोर्सिंग एजेंसियों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि उनके द्वारा भर्ती किए गए श्रमिकों द्वारा कोई उपद्रव, हिंसा या अनुशासनहीनता की घटना हुई तो संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा और उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

Noida Khabar (17)

कलक्ट्रेट में हाइलेवल कमेटी आउट सोर्सिंग एजेंसी के प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए। सौ. जिला प्रशासन

उपद्रव हुआ तो लाइसेंस रद, ब्लैकलिस्ट होगी एजेंसी

डीएम ने बैठक में कहा कि जिले में आउटसोर्सिंग एजेंसियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। श्रमिकों के उपद्रव के दौरान कई मौकों पर समझौते के लिए बुलाए जाने पर भी एजेंसियों के प्रतिनिधि नहीं पहुंचे, जिस पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि कहीं न कहीं एजेंसी संचालकों की भी भूमिका की संदेह के घेरे में हैं, इसकी जांच की जा रही है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कितनी हैं आउटसोर्सिंग एजेंसियां?

श्रम विभाग के अनुसार जिले में महज 600 आउटसोर्सिंग एजेंसियां ही पंजीकृत हैं, जबकि सूत्रों के मुताबिक जिले में करीब 1500 से अधिक एजेंसियां सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। अधिकांश एजेंसियां पंजीकरण के बिना संचालित हो रही हैं, जो कानूनी प्राविधानों का उल्लंघन है।

बैठक में डीएम ने निर्देश दिया कि सभी आउटसोर्सिंग एजेंसियां और संविदाकार शासन की गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत पालन करें। सरकार ने सभी श्रेणियों के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन निर्धारित कर दिया है। इसे एक अप्रैल से हर हाल में लागू करना है।

वेतन में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि श्रमिक उपद्रव करते हैं तो न केवल व्यक्तिगत स्तर पर कार्रवाई होगी, बल्कि एजेंसी को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। बुधवार को हाई पावर कमेटी ने भी कलक्ट्रेट में बैठक कर कुछ एजेंसियों को नोटिस जारी किया है। अपंजीकृत एजेंसियों पर भी नजर रखी जा रही है।

हाई लेवल कमेटी ने भी आउट सोर्सिंग एजेंसी के साथ बैठक

प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा गठित हाई लेवल कमेटी की बैठक में अपर मुख्य सचिव लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग आलोक कुमार, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन विभाग उत्तर प्रदेश एमकेएस सुंदरम, श्रम आयुक्त उत्तर प्रदेश कानपुर मार्कंडेय शाही ने ने कहा कि श्रमिकों को अनुशासित रखें, उन्हें प्रशिक्षित करें कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अशांति की स्थिति उत्पन्न न हो।

श्रमिकों का वेतन सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित करें। बाउंचर या अन्य माध्यम से भुगतान न दें। श्रम आयुक्त ने कहा कि सभी कर्मकारों का ज्वाइनिंग के समय पुलिस सत्यापन कराएं,भविष्य निधि व कर्मचारी राज्य बीमा में पंजीकृत कराएं। मदद के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 9411900251 भी जारी किए गए हैं।

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