Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    नोएडा डिपो में 16 बसें खड़ी रहने से निगम को 2.92 लाख का घाटा, ड्राइवर-कंडक्टरों को वसूली नोटिस

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 03:44 AM (IST)

    नोएडा डिपो में बसों के संचालन में लापरवाही के कारण परिवहन निगम को 2.92 लाख रुपये का घाटा हुआ है। नवंबर माह में कुल 16 बसें खड़ी रहीं, जिससे यात्रियों ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    जागरण संवाददाता, नोएडा। परिवहन निगम ने बसों के संचालन में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर जुर्माने की कार्रवाई की है। बता दें, ऐसे 40 से ज्यादा कर्मी हैं, जिन्होंने या तो बसों को तय रूटों पर नहीं चलाया, या फिर संचालन के दौरान नियमों के विपरीत जाकर कार्य किए, ऐसे कर्मचारियों पर निगम ने शिकंजा कसा है।

    मोरना डिपो में यह बसें दो दिन खडी रहीं। डिपो प्रबंधन ने 2.92 लाख रुपए की रिकवरी का नोटिस चस्पा किया है। चालक और परिचालकों से इस पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। नवंबर माह में चार बसें खड़ी रहीं, जिनकों बंदायू, बुलंदशहर और कोटद्वार रूट पर चलना था, यह बसें पांच नवंबर 2025 को डिपो में ही खड़ी रहीं। इसके चलते यात्री अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।

    इसके चलते निगम को 81 हजार रुपए का घाटा हुआ। इसके बाद पूरे मामले की जब जांच की गई तो सामने आया कि चालकों ने इन बसों को यात्रियों के अभाव के चलते नहीं चलाया। लेकिन समय रहते इसकी जानकारी भी नहीं दी गई। इसके बाद निगम की ओर से ऐसे चारों बसों के चालक व परिचालकों पर निगम की आय प्रभावित करने पर रिकवरी की कार्रवाई की गई है।

    इसी तरह चार नवंबर को भी करीब 12 बसें खड़ी रहीं। इनसे निगम को 2 लाख 11 हजार रुपये का घाटा हुआ है। यह बसें भी अपने तय रूट पर नहीं चलीं। जब इस मामले को लेकर जांच की गई तो सामने आया कि चालकों ने बिना जानकारी दिए इन बसों को डिपो में खड़े रखा।

    इसके बाद इन पर भी रिकवरी की कार्रवाई के लिए नोटिस चस्पा की गई। इसके अलावा भी छोटी मोटी अनियमितता करने वाले ऐसे 30 से ज्यादा संविदाकर्मी परिचालकों के खिलाफ भी जुर्माने की कार्रवाई की गई है। इसमें परिचालकों पर 200 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक की जुर्माने की कार्रवाई की गई है।

    नोटिस चस्पा कर इन सभी से दिंसबर माह में ही स्पष्टीकरण मांगा गया था। अधिकारियों के अनुसार इन पर लगने वाला जुर्माना भी अधिक था, यही कारण है कि अधिकतर चालक-परिचालकों ने अपनी समस्याएं रखीं। हालांकि अधिकतरों के घरों में हुई निजी घटनाओं समेत मजबूरियों के चलते वह कार्य नहीं कर सके, इसीलिए उन पर तय रिकवरी से अंशमात्र ही जुर्माना वसूला गया।

    कुछ चालक-परिचालकों द्वारा बसों के संचालन में अनियमितता की गई थी, उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था, कई बार घरेलू समस्याओं के चलते बिना जानकारी दिए चले जाते हैं। हालांकि नियमानुसार कार्रवाई समय समय पर की जाती है।


    -

    -रोहिताश कुमार, एआरएम, नोएडा डिपो