नोएडा, जागरण संवाददाता। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की गुलशन बेलिना सोसायटी की लिफ्ट में शुक्रवार रात छह बच्चों के फंसने का मामला सामने आया है। लिफ्ट में फंसने के बाद बच्चों ने अलार्म बजाया। जिसे सुनकर सोसायटी के लोग एकत्र हो गए। लोगों ने इसकी सूचना टावर में तैनात गार्ड को दी। सोसायटी के लोगों का आरोप है कि बच्चों को बाहर निकालने में आधे घंटे से भी ज्यादा समय लग गया। सोसायटी के लोगों ने मामले की शिकायत बिल्डर प्रबंधन से की है।

सोसायटी के लोगों ने बताया कि सभी बच्चे अलग-अलग टावरों में अपने परिवार के साथ रहते हैं। जो ई टावर के एक फ्लैट में अपने एक दोस्त के जन्मदिन पार्टी में शामिल हुए थे। रात साढ़े नौ बजे सभी बच्चे अपने-अपने घर जाने के लिए लिफ्ट में सवार हुए। लिफ्ट बंद होने के बाद जैसे ही बच्चों ने नीचे जाने के लिए बटन दबाया।

लिफ्ट की चाबी रखी थी दूर

लिफ्ट में तकनीकी खामी आ गई और लिफ्ट 14वें फ्लोर पर अटक गई। सूचना पर पहुंचे गार्ड ने लिफ्ट की चाबी मुख्य गेट पर रखी होने का हवाला दिया। सोसायटी के लोगों ने बताया कि गेट से चाबी लाने और बच्चों को बाहर निकालने में आधे घंटे से भी ज्यादा का समय लगा।

बच्चों ने लिफ्ट में जाने से किया इन्कार

गुलशन बेलिना कल्चरल कमेटी के अध्यख सिवेंद्र सिंह ने बताया कि जिस समय लिफ्ट से बच्चों को बाहर निकाला वह काफी डरे व सहमें हुए थे। बच्चे दूसरी लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों के रास्ते अपने घर पहुंचे। सोसायटी के लोगों ने मामले की शिकायत रखरखाव प्रबंधन से की। साथ ही लिफ्ट में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मांगी। पता चला कि लिफ्ट में लगे सीसीटीवी कैमरे पिछले डेढ़ महीने से खराब है।

ये भी पढ़ें- India Water Week Interview: जल संकट से बुरे हालात न बनें, अपनी गलत आदतों को बदलना होगा- वीके माधवन

सोसायटी के अविनाश ने बताया कि सोसायटी में आपातकालीन फोन (इंटरकाम सेवा ) तक नहीं है।तीन महीने पहले ही बिल्डर ने सुरक्षा एजेंसी बदली है। गार्डों को कोई प्रशिक्षण प्राप्त नहीं है। किसी भी टावर में कोई लिफ्टमैन तैनात नहीं है। इससे पहले भी लोग कई बार लिफ्ट में फंस चुके हैं। इस संबंध में कई बार बिल्डर प्रबंधन से दूरभाष के जरिये संपर्क करने की कोशिश की गई। मैसेज भी किये, लेकिन बिल्डर प्रबंधन का कोई जवाब अभी तक नहीं आया है।

ये भी पढ़ें- Noida News: निर्माणाधीन मकान के लिए खुदाई कर निकाली गई मिट्टी का ढेर गिरने से सात वर्षीय मासूम की मौत

Edited By: Geetarjun