Noida News: रिश्वत लेकर आरोपितों को छोड़ने का मामला, सहारनपुर के पुलिसकर्मी ने कराई थी साइबर सेल से डील
Noida News साइबर सेल द्वारा फर्जी काल सेंटर पकड़ कर आरोपितों को रिश्वत लेकर छोड़ने के मामले का दैनिक जागरण ने सोमवार के अंक में मामले का पर्दाफाश किया था जल्द ही कई पुलिसकर्मियों पर गाज गिर सकती है। दरअसल इस मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध लग रही है।

ग्रेटर नोएडा, जागरण संवाददाता। खाकी के संरक्षण में फर्जी काल सेंटर संचालित करने वाले आरोपितों को रिश्वत लेकर छोड़ने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रिश्वत लेकर आरोपितों को छोड़ने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान करनी शुरू कर दी गई है। मामले में जल्द ही बड़ी कार्रवाई हो सकती है। दैनिक जागरण ने सोमवार के अंक में मामले का पर्दाफाश किया था।
गाजियाबाद में चल रहा था फर्जी काल सेंटर
सूत्रों ने दावा किया है कि सहारनपुर के पुलिसकर्मी ने ग्रेटर नोएडा साइबर सेल से आरोपितों की डील कराई थी। गाजियाबाद में चल रहे फर्जी काल सेंटर की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी थी। मामले में वहां की पुलिस की भी भूमिका संदिग्ध है।
जांच की आंच कितने लोगों पर आएगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा, फिलहाल पूरे मामले ने यह तो साबित कर दिया है कि पूर्व में हुए एसओजी प्रकरण के बाद भी पुलिसकर्मियों ने कोई सबक नहीं लिया और रिश्वत लेकर आरोपितों को छोड़ने का काम लगातार जारी है।
बता दें कि ग्रेटर नोएडा स्थित सोसायटी में रहने वाले अशोक शर्मा भेल (भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड) हरिद्वार से सेवानिवृत्त अधिकारी है। 75 वर्षीय अशोक शर्मा से आरोपितों ने इंश्योरेंस पालिसी का डेढ़ करोड़ बोनस देने के नाम पर 52 लाख की ठगी कर ली थी।
ठगी के मुख्य आरोपित की पत्नी शामली में बतौर महिला पुलिसकर्मी तैनात है। सूत्रों ने दावा किया है कि साइबर सेल के संरक्षण के चलते मुख्य आरोपित लगातार ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। वहीं डीसीपी ग्रेटर नोएडा अभिषेक वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
नोएडा में ली गई रिश्वत की रकम
सूत्रों ने दावा किया है कि साइबर सेल को जो रिश्वत दी गई वह रकम नोएडा के सेक्टर 63 के समीप ली गई। रक्षाबंधन के दौरान हुई डील में मुख्य किरदार सहारनपुर के पुलिसकर्मी ने निभाया था। वह पूर्व से मुख्य आरोपित के संपर्क में था।
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