विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नोएडा में 25 हजार ऑटो चालकों को जल्द मिलेगी बड़ी राहत, गौतमबुद्ध नगर बन जाएगा UP का पहला ऐसा जिला

Published: Sat, 04 Oct 2025 01:49 PM (IST)

गौतम बुद्ध नगर में एक जिला एक परमिट व्यवस्था लागू होने वाली है जिससे यह प्रदेश का पहला जिला बन ...और पढ़ें

एक जिला एक परमिट व्यवस्था लागू होने से दो कदम दूर
एक जिला एक परमिट व्यवस्था लागू होने से दो कदम दूर

HighLights

  1. गौतम बुद्ध नगर बनेगा पहला जिला
  2. दिल्ली की तर्ज पर एक परमिट
  3. ऑटो चालकों को मिलेगी सुविधा

जागरण संवाददाता, नोएडा। एक जिला एक परमिट व्यवस्था लागू होने से अभी दो कदम दूर है। गौतमबुद्ध नगर में यह व्यवस्था लागू होगी तो तो प्रदेश का पहला जिला होगा। दिल्ली की तर्ज पर यहां पर ऑटो के लिए एक परमिट होगा।

परिवहन आयुक्त से लिखे पत्र पर शासन की अनुमति का इंतजार है। एसटीए (स्टेट ट्रांसपार्ट अथारिटी) की बैठक में इसका अंतिम निर्णय होगा। जिले में इस वक्त 25 हजार से अधिक ऑटो संचालित हैं। सभी आटो को परमिट रूट के हिसाब से जारी किया गया है। निर्धारित रूट से अलग इन आटो का संचालन नहीं हो सकता है।

बता दें नोएडा के हर हिस्से में आटो की पहुंच करने की तैयारी की जा रही है। आटो चालकों की यूनियन ने एक जिला एक परमिट की व्यवस्था लागू करने की मांग पूर्व में की गई थी। इसके लिए सबसे पहले उपसंभागीय परिवहन अधिकारी, संभागीय परिवहन अधिकारी और परिवहन आयुक्त ने शासन को पत्र लिखा है।

शासन स्तर से मंजूरी के बाद एसटीए की बैठक में इसकी फाइनल मंजूरी मिलेगी। मौजूदा समय में 16-16 किमी के रूट पर आटो को परमिट जारी किए गए हैं। सेक्टर-59 से किसी को सूरजपुर भी जाना होता है तो यात्री को दो बार आटो बदलना पड़ता है। यह व्यवस्था लागू होने के बाद चालक सीधा भी सूरजपुर तक जा पाएंगे। आटो की फिटनेस समेत मीटर व्यवस्था रखने पर जोर दिया जा रहा है।

शहर में संचालित 70 फीसदी से अधिक आटो में मीटर नहीं लगा हुआ है। वाहनों का दवाब या जाम की स्थिति होने पर मनमानी रुपयों की वसूली की जाती है।

यह भी पढ़ें- मेले में 94 बच्चों के छूटे हाथ, पर पुलिस ने निभाया पूरा साथ; जिगर के टुकड़ों को देख खिल उठे चेहरे

शहर की जरूरत और आटो चालकों की मांग को लेकर शासन को पत्र लिया गया है। लंबी दूरी पर जाने के लिए लाेगों को दोबारा आटो नहीं बदलना पडे इसी के लिए यह निर्णय लिया गया है। शासन और एसटीए से ही फाइनल मंजूरी होगी। - डा. सिरायाम वर्मा, एआरटीओ प्रशासन