धर्मेंद्र चंदेल, ग्रेटर नोएडा

यमुना प्राधिकरण (फेज दो) के मास्टर प्लान को प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसकी सूचना प्राधिकरण को भी दे दी गई। इससे अलीगढ़, हाथरस, मथुरा व आगरा जिले के अधिसूचित 940 गांवों के विकास का रास्ता साफ हो गया है। दो अर्बन सेंटर के तहत अलीगढ़ के टप्पल व बाजना में औद्योगिक नगरी बसेगी तथा मथुरा के राया में नया पर्यटन केंद्र बनेगा। फेज दो के मास्टर प्लान मंजूर होने के बाद यमुना प्राधिकरण देश का सबसे बड़ा प्राधिकरण बन गया। इसका क्षेत्र अब 580 किमी से बढ़कर 2687 किमी हो गया है।

फेज दो के मास्टर प्लान की मंजूरी के बाद यमुना एक्सप्रेस वे के दोनों ओर आगरा तक बहुमंजिली इमारतें, पर्यटन, औद्योगिक व वाणिज्यक केंद्र बनेंगे। यमुना प्राधिकरण का गठन 24 अप्रैल 2001 को हुआ था। ग्रेटर नोएडा से आगरा तक 1112 गांवों को अधिसूचित क्षेत्र में शामिल किया गया था। प्रथम चरण में गौतमबुद्धनगर के 172 गांवों की 58 हजार हेक्टेयर भूमि का मास्टर प्लान मंजूरी किया गया था। इस क्षेत्र में विकासमूलक गतिविधियां काफी आगे बढ़ चुकी हैं।

अलीगढ़ से आगरा तक के 940 गांवों को अधिसूचित कर उन पर प्राधिकरण के नियम-कानून तो लागू कर दिए गए थे, लेकिन विकास कार्य नहीं हो पा रहा था। यहां दो लाख दस हजार हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। सोमवार को प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दूसरे फेज के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी।

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अब इन गांवों में प्राधिकरण समयबद्ध तरीके से विकास कार्य कराएगा। जमीन अधिग्रहीत कर विकास योजनाएं निकाली जाएंगी। कोई भी व्यक्ति प्राधिकरण की अनुमति के बिना इन गांवों में निर्माण कार्य नहीं कर सकेगा।

डा. अरुणवीर ¨सह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण

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