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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP News: रोज दस हजार रुपए जुर्माना देने के लिए कस लें कमर... गैर मान्यता मदरसों के लिए जारी हुआ सरकारी फरमान

By Jagran NewsEdited By: Prince Sharma
Published: Wed, 25 Oct 2023 06:45 AM (IST)

UP News उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों और विद्यालयों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख ...और पढ़ें

UP News: रोज दस हजार रुपए जुर्माना देने के लिए कस लें कमर... गैर मान्यता मदरसों के लिए जारी हुए सरकारी फरमान
UP News: रोज दस हजार रुपए जुर्माना देने के लिए कस लें कमर... गैर मान्यता मदरसों के लिए जारी हुए सरकारी फरमान

HighLights

  1. मुजफ्फरनगर जिले में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों और विद्यालयों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
  2. जिले के गैर मान्यता प्राप्त 238 मदरसों में से 17 मदरसे और 20 गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को नोटिस भेजा गया है।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों और विद्यालयों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले के गैर मान्यता प्राप्त 238 मदरसों में से 17 मदरसे और 20 गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को नोटिस भेजा गया है।

बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि अक्टूबर के बाद गैर मान्यता संस्थाओं पर एक नवंबर से 10 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा।

बता दें, जनपद में हुए सर्वे में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की संख्या बढ़ी हुई मिली थी। अल्पसंख्यक विभाग में बिना पंजीकरण कराए ही नगर और देहात क्षेत्र में मदरसों का संचालन हो रहा है। जिला अल्पसंख्यक विभाग ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी तो जनपद स्तर से इन्हें चिह्नित कर नोटिस भेजे जाने लगे।

आरटीई एक्ट के प्रविधानों के तहत वसूला जाएगा जुर्माना

गैर मान्यता प्राप्त 17 मदरसे एवं 20 विद्यालयों को संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की ओर से स्पष्टीकरण नोटिस भेजा गया है। इसमें निश्शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के अध्यान चार की धारा 18 (1) के तहत संचालकों के खिलाफ समुचित कार्यवाही अमल में लाने की बात है।

नोटिस मिलने के तीन दिन के अंदर संचालक को मान्यता संबंधित कागजात के साथ बीईओ के समक्ष प्रस्तुत होना होगा। ऐसा नहीं होने पर संस्था पर शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के प्रविधानों के तहत कार्यवाही की जाएगी। इसके बाद मदरसा/विद्यालय खुले मिले तो प्रतिदिन 10 हजार रुपये जुर्माना वसूल किया जाएगा।

बीएसए शुभम शुक्ला ने बताया कि जिले में बिना मान्यता संचालित हो रहे मदरसों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जा रहा है तथा इन्हें बंद करने के आदेश दिए जा रहे हैं। इसमें विद्यालयों को भी शामिल किया है। उन्होंने कहा कि यदि गैर मान्यता चल रहे मदरसों और विद्यालयों को बंद नहीं किया गया तो एक नवंबर से 10 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से संचालकों पर जुर्माना लगेगा।

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