सिम कार्ड से चलेगा स्मार्ट मीटर...रीडर नहीं करेगा परेशान, रिकार्ड रहेगा पारदर्शी, मुजफ्फरनगर में लगाए 1.20 लाख मीटर
Muzzaffarnagar News मुजफ्फरनगर में ऊर्जा निगम ने स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान तेज कर दिया है। शहर में 1.20 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इन मीटरों में सिम कार्ड लगा है जिससे हर मिनट की यूनिट का रिकार्ड निगम के साफ्टवेयर में सुरक्षित रहता है। इससे बिल बनाना आसान हो गया है।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। ऊर्जा निगम ने स्मार्ट मीटर लगाने की कवायद को तेज कर दिया है। शहर के भीतर 1.20 लाख मीटर स्मार्ट लगा चुके हैं, जबकि देहात में भी अभियान शुरू किया गया है। स्मार्ट मीटर को सिम कार्ड के माध्यम से चलाया जाएगा। निगम की जांच में यह इलेक्ट्रानिक डिवाइस उपयोगी साबित हुई है। सिम कार्ड में एक-एक मिनट के साथ यूनिट का रिकार्ड सुरक्षित हो रहा है। यह यूनिट का रिकार्ड पलभर में निगम के साफ्टवेयर पहुंच रही है। जिससे बिल बनना आसान हो गया है।
साढ़े पांच लाख से अधिक उपभोक्ता ऊर्जा निगम में पंजीकृत
जनपद खतौली, बुढ़ाना, जानसठ समेत सदर तहसील क्षेत्र को मिलाकर साढ़े पांच लाख से अधिक उपभोक्ता ऊर्जा निगम में पंजीकृत है। अभी तक उपभोक्ता के यहां पर सामान्य मीटर लगा हुआ है, जिससे बिल बनाने के लिए मीटर रीडर को उपभोक्ता के दरवाजे तक पहुंचना पड़ता है।
वहीं मीटर रीडर की मनमानी की शिकायत भी विभाग का सिरदर्द बढ़ाती है। इससे बचने के लिए ऊर्जा निगम ने स्मार्ट मीटर लगाने की योजना बनाई है। मुख्य अभियंता पवन कुमार ने बताया कि निगम की जांच में साफ हुआ कि स्मार्ट मीटर बिल एवं यूनिट रिकार्ड के लिए एक सुरक्षित इलेक्ट्रानिक डिवाइस है। इसमें कई विशेषता रखी गई हैं, जिससे ऊर्जा निगम और उपभोक्ता के बीच समन्वय बना रहेगा।
स्मार्ट कार्ड में एक सिम कार्ड लगाया गया है, जिससे एक-एक मिनट की यूनिट रिकार्ड होने के साथ विभागीय पोर्टल पर उसका सीधा जुड़ाव है। रीडिंग पहुंचने के बाद तत्काल उसका बिल बनकर उपभोक्ता के मोबाइल नंबर, ई-मेल आइडी पर पहुंच जाएगा। शहर में 1.20 लाख उपभोक्ता के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
ऊर्जा निगम मुजफ्फरनगर के मुख्य अभियंता पवन कुमार अग्रवाल ने बताया कि ऊर्जा निगम तेजी के साथ स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई कर रहा है। स्मार्ट मीटर उपभोक्ता को राहत देगा। इसमें सिम कार्ड लगाया गया है, जिसके माध्यम से विद्युत खपत और बिल का रिकार्ड पूरी तरह से पारदर्शी रहेगा। पलभर में उसका बिल बनकर उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर पहुंच जाएगा। उपभोक्ता के यहां पर मीटर रीडर नहीं आएगा।
बिल नहीं बनने से परेशान उपभोक्ता
शहर में उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। लगभग 10 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल नहीं मिल सका है। जिस कारण उपभोक्ता परेशान है। इसकी निरंतर विभाग को शिकायत कर रहे हैं। निगम के पोर्टल पर इन उपभोक्ता का रिकार्ड पर्याप्त नहीं है, जबकि कुछ का रिकार्ड आपस में मिलान नहीं कर रहा है। इस व्यवस्था को सुधारने के लिए निगम की टीम लगी है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।