रेप के बाद छह साल की मासूम की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, कोर्ट ने तीन महीने 19 दिन में सुनाया फैसला
मुजफ्फरनगर में छह वर्षीय बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष पोक्सो एक्ट न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोषी ने बिस्कुट दिलाने के बहाने बालिका को अपने कमरे पर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया था।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर थाने के बेगराजपुर औद्योगिक क्षेत्र में छह वर्षीय बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष पोक्सो एक्ट न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोषी ने बिस्कुट दिलाने के बहाने बालिका को अपने कमरे पर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया था। न्यायालय में इस मुकदमे की सुनवाई तीन माह 19 दिन तक चली है। दोषी युवक आसाम का रहने वाला है।
डीजीसी राजीव शर्मा, एडीजीसी विक्रांत राठी, दीपक गौतम के अनुसार मंसूरपुर थाना के औद्योगिक क्षेत्र बेगराजपुर में आसाम राज्य के जनपद उदलगिरी निवासी व्यक्ति अपने परिवार के साथ रहकर श्रीबालाजी क्रिस्टल नामक फैक्ट्री में मजदूरी करता था, जो फैक्ट्री के ठीक सामने मजदूरों के लिए कालोनी में पीड़ित परिवार तीसरी मंजिल पर रहता था।
दो जनवरी-2025 को दर्ज कराए मुकदमे में पीड़ित ने बताया था कि वह फैक्ट्री में मजदूरी के लिए चले गए, जबकि कमरे पर उनकी इकलौती छह वर्षीय बेटी थी। देर शाम सात बजे मजदूरी कर कमरे पर आई मां को बालिका नहीं मिली। उसकी तलाश की तो अभियुक्त मानवीर उर्फ इमानवील उर्फ सैमुअल पुत्र आदम निवासी नगांव कटहल जनपद कटहल गुड़ी आसाम के कमरे में उसका शव पड़ा मिला। कमरा बाहर से बंद था, दरवाजे का ताला तोड़कर कमरे से कंबल में लिपटा बालिका का शव मिला था। उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी।
बालिका को वह बिस्कुट दिलाने के बहाने अपने कमरे में ले गया था। अभियुक्त ने दुष्कर्म के बाद बालिका की हत्या की थी। पुलिस ने अभियुक्त को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
एडीजीसी दीपक गौतम ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष पोक्सो एक्ट के पीठासीन अधिकारी अलका भारती के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे में 10 गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने सुनवाई के बाद दोषी मानवीर उर्फ इमानवील को दुष्कर्म एवं हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा के साथ 40 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। इस मुकदमे में सुनवाई तीन माह 19 दिन तक चली है, जिसमें पुलिस की विवेचना और अभियोजन की पैरवी किए जाने पर दोषी को सजा हुई है।
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