मुजफ्फरनगर, जेएनएन। लॉकडाउन के चलते क्षेत्र में बेसहारा घूमता गोवंश अचानकगायब हो गए। आसपास बनी गोशालाओं में करीब 40 दिन से एक भी गोवंश नहीं पहुंच पाया है। लॉकडाउन के बीच क्षेत्र में गोकशी की घटनाएं बढ़ रही हैं।

लॉकडाउन के चलते खेतों में घूमते बेसहारा गोवंश अचानक से गायब हो गए हैं। पहले इन गोवंशों को पकड़ने के लिए प्रतिदिन शिकायत आती रहती थी, लेकिन वह अब गायब हो गए हैं। इससे क्षेत्र में गोकशी की घटनाओं के बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। गत 40 दिन से कोई भी गोवंश न तो गोशाला पहुंचे हैं और न ही किसी को सुपुर्दगी में दिए गए हैं। लॉकडाउन से पहले करीब दो माह में जानसठ नगर पंचायत की गोशाला में करीब 35 गोवंश छोड़े गए जबकि 14 सुपुर्दगी में दिए गए। कस्बे में ही जिला पंचायत की गोशाला में 16 गोवंश आए जबकि करीब 10 सुपुर्दगी में दिए गए। जटवाड़ा की गोशाला में 20 गोवंश लाए गए जबकि एक सुपुर्दगी में दिया गया। वहीं सालारपुर में बनी गोशाला में 22 गोवंश लाए गए जबकि 19 सुपुर्दगी में दिए गए। कुल मिलाकर लॉकडाउन से पहले इन गोशालाओं में करीब 93 गोवंश लाए गए जबकि करीब 53 गोवंश को अन्य लोगों के सुपुर्द किया गया। मगर लॉकडाउन दौरान कहीं पर भी गोवंश के बेसहारा घूमने की शिकायत तक नहीं मिली। लॉकडाउन के बाद सभी तरह के मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद खेतों में घूमते बेसहारा गोवंश गायब होने लगे। क्षेत्र में गोकशी की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हुई है।

गांव कवाल निवासी प्रभात, राजेंद्र, व सालारपुर निवासी नरेंद्र कुमार, राकेश कुमार आदि ने बताया कि लॉकडाउन से पहले खेतों में गोवंश अक्सर घूमते देखे जा रहे थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद वह कहां गए कोई नहीं जानता। जानसठ के पशु चिकित्साधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि अब किसी भी गांव से गोवंश घूमने की शिकायत लॉकडाउन लगने के बाद आनी बंद हो गई हैं। इस दौरान किसी गोशाला में एक भी बेसहारा गोवंश को नहीं भेजा गया है। वहीं पुलिस ने क्षेत्र में गोकशी की घटनाओं से इनकार कर रही है।

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप