यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
World Pneumonia Day 2021 : इस मौसम में बच्चों को निमोनिया होने का ज्यादा खतरा, इस तरह करें देखभाल
World Pneumonia Day 2021 बच्चे के लिए मां का दूध संजीवनी है। इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। ...और पढ़ें

मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। शुरुआती ठंड बच्चों के लिए खतरनाक है। जरा सी लापरवाही बच्चे को निमोनिया का शिकार बना सकती है। निमोनिया की समय से पहचान करने के बाद अगर उसे बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाया तो परेशानी कम होगी। लेकिन, घरेलू नुस्खे आजमाए जाते रहे तो बच्चे की हालत बिगड़ सकती है।बुखार, खांसी, सांस फूलना और पसलियों के चलने की शिकायत है तो फौरन बच्चे को चिकित्सक के पास ले जाना जरूरी है।
चिकित्सकों के मुताबिक बच्चे के लिए मां का दूध संजीवनी है। इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। बाहरी खाने की चीजें बच्चों को न दें। छोटे बच्चे को प्लास्टिक की बोतल से दूध न दें। इससे उसे इंफेक्शन का खतरा अधिक होता है।
ठंड के शुुरुआत में बच्चों की देखभाल बहुत जरूरी है। बच्चे को निमोनिया का खतरा बना रहता है। बुखार और सांस फूलने की परेशानी होने पर फौरन चिकित्सक के पास बच्चे को लेकर जाएं। बाहरी खानपान से परहेज कराएं।
डाॅ. राजेंद्र कुमार, चिकित्सा अधीक्षक-बाल रोग विशेषज्ञ।
फ्रिज में रखा खानपान का सामान बच्चे को नहीं दें। ठंड का मौसम शुरू होने के साथ बच्चों को फुल आस्तीन के कपड़े पहनाने के साथ ही घर का बना खाना ही दें। सांस फूले या बुखार आए तो फौरन चिकित्सक से संपर्क करना है।
डाॅ. संजीव बेलवाल, डिप्टी सीएमओ-बाल रोग विशेषज्ञ
ये करें : मौसम बदल रहा है बच्चों को पूरे कपड़े पहनाकर रखें, गर्म कपड़े भी पहना सकते हैं। पंखे के नीचे न लेटाएं, फ्रिज का रखा कुछ भी न दें, बाहर निकलने पर कान ढककर ले जाएं। बुखार, खांसी की शिकायत होने पर फौरन चिकित्सक से संपर्क करें।
