मुरादाबाद नगर निगम की कार्रवाई, नौगांव सादात के सपा विधायक समरपाल से 15 करोड़ की संपत्ति खाली कराई
Moradabad News मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी के अमरोहा के नौगांवा सादात से विधायक समरपाल से नगर निगम ने 15 करोड़ रुपये की संपत्ति खाली कराई है। कंपनी बाग में आवंटित भवन की अवधि 15 साल पहले पूरी हो चुकी थी। विधायक ने भवन खाली नहीं किया था। नगर निगम ने कब्जा लेते समय किसी को भी निवास करते हुए नहीं पाया।

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। नगर निगम एक के बाद एक संपत्ति खाली करा रहा है। अब अमरोहा में नौगांवा सादात से सपा विधायक समरपाल से नगर निगम ने 15 करोड़ रुपये का 550 वर्ग मीटर भवन खाली कराया है।
कंपनी बाग में कम्पोजिट विद्यालय के पास करीब तीस साल पहले नगर निगम से समरपाल ने भवन आवंटित कराया था। इस भवन की अवधि को पूर्ण हुए करीब 15 साल हो चुके थे। लेकिन, विधायक ने भवन खाली नहीं किया। इस भवन में सपा विधायक नहीं रहते थे।
भूतल पर सपा विधायक और प्रथम तल पर एलडी चतुर्वेदी के नाम भवन आवंटित था। भवन के आधे हिस्से को व्यवसायिक गतिविधि में भी परिवर्तित कर दिया था। हालांकि कब्जा लेते समय व्यवसायिक गतिविधि होते नहीं मिली।
आवंटन निरस्त करने का दिया था नोटिस
नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल के निर्देश पर आवंटन निरस्त करते हुए नोटिस दिया था। चार महीने पहले और इससे पूर्व में भी कई बार नोटिस दिए गए। इसके बाद भी सपा विधायक व एलडी चतुर्वेदी ने भवन खाली नहीं किया। शुक्रवार को दलबल के साथ अपर नगर आयुक्त द्वितीय अजीत कुमार सिंह पहुंचे। भवन में कोई भी निवास करते हुए नहीं मिला। धूल जमी हुई थी और सामान के नाम पर तख्त, दो मेज और एक फ्रिज था और आंगन में चार कारें, एक ठेला, एक रिक्शा खड़ा था। यह सामान सपा विधायक का कर्मचारी सोमिंदर भरकर ले गया।
पड़ोसी को दे दिया सामान
प्रथम तल के आवंटी एलडी चतुर्वेदी की मृत्यु हो चुकी है। उनके पुत्र दिल्ली में चिकित्सक हैं, उनको फोन पर सूचना दी और जो सामान था वह उनके पड़ोसी को दे दिया। इसमें ज्यादातर सपा विधायक के समर्थकों का आना जाना रहता था। इस दौरान अपर नगर आयुक्त द्वितीय अजीत कुमार सिंह, मुख्य सुरक्षा अधिकारी अविनाश गौतम, प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल एसके शाही, संयुक्त नगर आयुक्त निशा मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
कंपनी बाग में मकान में ताला लगाते नगर निगम कर्मचारी।
दस साल पहले चलाया था रेस्टोरेंट
दस साल पहले सपा विधायक के आवंटित भवन के स्वरूप को बदलते हुए रेस्टोरेंट खोल रखा था। दस साल पहले भी नगर निगम ने इस पर कब्जा लेने को कार्रवाई की थी। लेकिन, तब सपा विधायक ने आवंटन और अवैध रूप से रेस्टोरेंट चलाने पर जुर्माने की कुछ धनराशि जमा करके कब्जा ले लिया था। अब निगम ने पूरी तरह कब्जा लेकर ताला जड़ दिया है।
दोपहर में मेरे पास फोन आया था। मैं शहर से बाहर हूं। इस संबंध में अभी मैं कुछ कहने की स्थिति में नहीं हूं। भवन में थोड़ा बहुत सामान था, वह मेरे कर्मचारी ने बाहर निकाल लिया है। समरपाल, सपा विधायक
नगर आयुक्त के निर्देश पर भवन पर कब्जा लिया गया है। इस भवन का आवंटन निरस्त करने के बाद नोटिस भी दिए थे। लेकिन, खाली नहीं किया। भवन में भूतल व प्रथम तल पर कोई नहीं रहता है। कब्जा लेते समय आवंटियों को सूचना दी गई थी। शुक्रवार को भवन पर नगर निगम ने कब्जा लिया है। करीब 15 करोड़ रुपये की संपत्ति है। अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त द्वितीय
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