स्वास्थ्य से खिलवाड़: रंग लगे फार्मी अंडे बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे थे मिलावटखोर, अब ढाबों और होटलों की खैर नहीं
खाद्य सुरक्षा विभाग मुरादाबाद ने फर्जी देसी अंडा सिंडिकेट के खिलाफ़ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। सप्लाई चेन में शामिल रिटेल दुकानों, नाश्ते की दुकानों और होटलों से पूछताछ हो रही है। नमूने लैब भेजे गए हैं। पुलिस द्वारा FIR न करने पर विभाग अब न्यायालय में परिवाद दायर करेगा।
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प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। कटघर रामपुर दोराहा बरवारा मझरा स्थित अंडे के गोदाम पर खाद्य सुरक्षा विभाग की छापामारी के बाद फर्जी देसी अंडा नेटवर्क सामने आया है। टीम ने फार्मी अंडे की बड़ी खेप बरामद करने के साथ ही अब सिंडिकेट की तलाश शुरू कर दी है। गोदाम में तैयार होने वाले अंडे, जिन्हें रंग और पालिश की मदद से देसी अंडों के रूप में बाजार में बेचा जा रहा था।
मामला सामने आने के बाद पूरे खेल में शामिल सप्लाई चेन, व्यापारियों और गांव स्तर तक फैले नेटवर्क की जांच तेज कर दी है। उन सभी दुकानदारों के नाम तलाशे जा रहे हैं। साथ ही होटल, ढाबे और नाश्ते की दुकानों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। देसी अंडा कितने का है। फिर अंडे की जांच होगी। फार्मी निकला तो फिर उनके विरुद्ध भी कार्रवाई कराई जाएगी।
गोदाम से बरामद अंडों की आपूर्ति शहर की कई रिटेल अंडा दुकानों, ढाबों, नाश्ते की दुकानों और होटलों में की जा रही थी। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि किन-किन दुकानों तक यह अंडे नियमित रूप से पहुंचते थे और कितने समय से यह धंधा चल रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि यह सिंडिकेट कटघर, पाकबड़ा, असालतपुरा, भोजपुर रोड और शहर से सटे कुछ गांवों में भी सप्लाई कर रहा था।
टीम ने गांव स्तर पर सप्लाई की अवधि, मात्रा और नेटवर्क के लोगों के नाम जुटाने के लिए स्थानीय स्तर पर पूछताछ शुरू कर दी है। छापामारी के दौरान टीम को ऐसे कई प्रमाण मिले, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि सामान्य फार्मी अंडों को देसी दिखाने के लिए कत्था, चायपत्ती और सिंदूर का इस्तेमाल किया जाता था।
इससे अंडों के छिलके का रंग देसी अंडे जैसा दिखाई देता था, जबकि वास्तविकता में उनकी गुणवत्ता और पोषण स्तर में भारी अंतर रहता है। देसी अंडे के नाम पर अधिक कीमत वसूलकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे हैं। विभाग की ओर से कटघर में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर भी दी गई, लेकिन पुलिस ने एफआइआर दर्ज नहीं की। इस पर विभाग ने अब न्यायालय में परिवाद दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है।
टीम ने छापा मारकर बड़ी मात्रा में फर्जी तरीक़े से तैयार किए जा रहे देसी अंडे बरामद किए हैं। पुलिस द्वारा एफआइआर दर्ज न करने पर हम परिवाद दायर करेंगे। सप्लाई चेन, दुकानों और गांव में नेटवर्क की जांच जारी है।
- राजवंश प्रकाश श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त खाद्य
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