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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छह माह के बच्चे को 16 दिन बाद मिला मां का आंचल, पुलिस को बच्चा मजार के पास मिला था लावारिस

By Samanvay PandeyEdited By:
Published: Sun, 24 Apr 2022 04:29 PM (IST)

Moradabad News उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद के पाकबड़ा में पुलिस को मजार के पास लावारिस मिले छह माह के ...और पढ़ें

Moradabad Hindi News : दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर को पढ़कर मां पहुंची थाने
Moradabad Hindi News : दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर को पढ़कर मां पहुंची थाने

मुरादाबाद, जेएनएन। Moradabad Latest Hindi News :  उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद के पाकबड़ा में पुलिस को मजार के पास लावारिस मिले छह माह के बच्चे को सोलह दिन बाद मां का आंचल मिल गया। दैनिक जागरण की खबर पढ़कर बच्चे के स्वजन थाने पहुंचे। मां ने बेटे को देखते ही गोद में उठाया और सीने से लगाकर प्यार किया। सीडब्ल्यूसी न्यायपीठ ने पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर मासूम को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया।

सात अप्रैल को पाकबड़ा में डींगरपुर रोड पर मजार के पास पुलिस को छह माह का मासूम बच्चा लावारिस हालत में मिला था। बच्चे की तबीयत खराब होने पर सीडब्लयूसी व चाइल्ड लाइन की मौजूदगी में पुलिस ने उसको महिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती करा दिया। दैनिक जागरण ने बच्चे को लेकर मार्मिक स्टोरी प्रमुखता से प्रकाशित की थी। जागरण की खबर से जानकारी मिलने पर चार दिन पहले एक महिला अपने पिता संग थाने पहुंची।

पाकबड़ा में मजार पर मिले बच्चे को अपना होने का दावा किया। पुलिस ने महिला को बाल कल्याण समिति (सीडब्लयूसी) के पास भेज दिया। यहां मां से प्रमाण मांगे गए। काफी प्रयासों के बाद भी महिला कुछ खास प्रमाण नहीं जुटा पाई। उसने बाल कल्याण समिति को बताया कि उसकी ससुराल असमोली में है। मायका थाना मझोला रतनपुर कलां गांव में है। पति मजदूरी करता है। मानसिक बीमारी होने के कारण पति उसे अपने साथ नहीं रख रहा है।

सीडब्लयूसी ने पुलिस की मदद से महिला के बताए पते पर इसकी जांच कराई तो दावा सही निकला। मां व बच्चे के तस्दीक पूरी होने पर शनिवार को सीडब्ल्यूसी न्यायपीठ के अध्यक्ष अमित किशोर, सदस्य हरिमोहन गुप्ता, संजय चतुर्वेदी, बाल संरक्षण अधिकारी शिवांगी, चाइल्ड लाइन समन्वयक श्रद्धा शर्मा की मौजूदगी में मासूम अरमान को उसकी मां अंजुम व नाना रियासत के सुपुर्द कर दिया।

अंजुम को भूलने की बीमारी हैः पिता रियासत ने बताया कि अंजुम को भूलने की बीमारी है। वह मासूम बेटे को छोड़कर अकेली ही मानसिक चिकित्सालय बरेली चली गई थी। बरेली में अस्पताल के आसपास भटक रही थी। पुलिस ने उसे शेल्टर होम भेज दिया। वहां उसने बताया कि वह मुरादाबाद थाना पाकबड़ा क्षेत्र की रहने वाली है, उसका बेटा कहीं खो गया। इस पर वहां की पुलिस ने यहां संपर्क किया तो बच्चे की बात सही पाई गई। बरेली बुलाकर उसे स्वजन को सुपुर्द कर दिया था। मुरादाबाद पहुंचकर वह पिता के साथ थाना पाकबड़ा पहुंची थी।