Published: Thu, 02 Oct 2025 08:04 AM (IST)Updated: Thu, 02 Oct 2025 05:37 PM (IST)
मुरादाबाद के पास के गांवों में तेंदुओं के दिखने से दहशत है। किसान टेकचंद ने अपने खेत में तीन तेंदुए ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। शहर से सटे कई गांवों में तेंदुओं की आमद से दहशत का माहौल है। ग्राम मोहम्मदपुर ध्यानसिंह के किसान टेकचंद ने बुधवार शाम सात बजे अपने गन्ने के खेत में तीन तेंदुए देखे। इसके बाद महलकपुर निजामपुर, बेलों वाली मिलक, सलेमपुर और जेबड़ी-जेबड़ा गांवों में भी दहशत फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुओं ने गन्ने के घने खेतों को अपना बसेरा बना लिया है।
ग्रामीणों के अनुसार शहर से इन गांवों की तरफ जाने वाले रास्तों पर जगह-जगह गन्ने के खेत हैं, जहां तेंदुए अक्सर दिख जाते हैं। मजदूरी करके देर रात लौटने वालों के लिए यह रास्ते जानलेवा साबित हो सकते हैं। लोग परिवार के साथ रोजाना डर के साए में जी रहे हैं।
पाकबड़ा थाना क्षेत्र के रतनपुर कलां गांव में तो हालात और भी खतरनाक हो गए। बुधवार को दिन में ही गांव के कब्रिस्तान में दो तेंदुए घूमते देखे गए। सुबह फातिहा पढ़ने गए दो युवकों ने जब तेंदुओं को देखा तो जान बचाकर भाग निकले। इसके बाद पूरे गांव में अफरातफरी मच गई। बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडे लेकर कब्रिस्तान पहुंचे, लेकिन तब तक तेंदुए वहां से निकल चुके थे।
ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग गांव-गांव में टीम तैनात करे, पिंजरे लगाए और रात के समय गश्त बढ़ाए। रतनपुर कलां गांव के लोगों का कहना है कि रोजाना खेतों और कब्रिस्तान के रास्तों से गुजरना उनके लिए खतरे से खाली नहीं है। मजदूरों के परिवारों को हर शाम यह चिंता रहती है कि कहीं तेंदुआ रास्ते में न आ जाए।
ग्रामीण सतर्क रहें और समय पर सूचना दें
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए आमतौर पर शिकार की तलाश में आबादी के नजदीक आ जाते हैं। पिंजरा लगाकर उन्हें पकड़ने की कोशिश की जाएगी। तब तक ग्रामीण सतर्क रहें और प्रशासन को समय पर सूचना दें। वन विभाग की लापरवाही, ग्रामीणों में गुस्सा रतनपुर कलां गांव के नजाकत अली ने तेंदुए देखने के बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
टीम मौके पर पहुंची और कब्रों पर तेंदुए के पंजों के निशान दर्ज किए। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी और गुरुवार को पिंजरा लगाने का भरोसा दिलाया। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग तभी सक्रिय होता है जब कोई बड़ा हादसा हो जाए। कुछ दिन पहले ग्रोथ सेंटर पॉकेट-बी में पिंजरे में कैद तेंदुए के बाद थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन अब एक बार फिर तेंदुओं की वापसी ने भय बढ़ा दिया है।