मुरादाबाद, जेएनएन। उत्तराखंड चमोली में ग्लेशियर फटने से हुई तबाही के बाद मुरादाबाद की रामगंगा में बाढ़ का खतरा नहीं है। इसलिए किसी को डरने की जरूरत नहीं है। एहतियात फिर भी जरूरी है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता ने जिले के सभी उप जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर बता दिया है ताकि राम गंगा नदी के आसपास के गांवों में रहने वाले लोग सचेत रहें।

बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि चमोली में डैम टूटने के बाद तबाही होने का असर मुरादाबाद में ज्यादा में नहीं पड़ेगा। फिर भी हम टिहरी डैम के अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं। इसके अलावा अन्य डैम के अधिकारियों से भी संपर्क किया जा रहा है। सभी उप जिलाधिकारियों को पत्र लिख दिया गया है। ताकि एहतियातन रामगंगा नदी के क्षेत्रों में आने वाले गांवों के वाशिंदों को अलर्ट कर दिया जाए। हालांकि उन्होंने बाढ़ के खतरे से इन्कार किया है।

उत्तराखंड के जोशीमठ पर ग्लेशियर टूटकर गिरने के हादसे के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। अमरोहा प्रशासन को इसकी सूचना दे दी गई है। सावधानी बतौर गंगा के किनारे व उससे सटे गांवों सर्तक रहने को कहा गया है। टिहरी डैम से पानी डिस्चार्ज होने की स्थिति में सोमवार की सुबह या दोपहर तक गंगा के जलस्तर में इजाफा हो सकता है।

मनोज कुमार, एक्सइएन, बाढ़ नियंत्रण खंड, मुरादाबाद-अमरोहा।

गंगा का पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों को सचेत किया गया है कि वह सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं। एसडीएम व तहसीलदार को गांवों में मुनादी कराने और लाउडस्पीकर से एनाउंस कराने के निर्देश दिए गए हैं। रात में भी पानी पर पूरी नजर रखने के लिए कहा गया है।

उमेश मिश्र, जिलाधिकारी, अमरोहा

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Edited By: Narendra Kumar