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    VIDEO : मीरजापुर में वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने गई टीम पर ग्रामीणों ने किया पथराव, आठ कर्मी हुए घायल

    By Prashant YadavEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Sat, 03 Jan 2026 04:14 PM (IST)

    मीरजापुर के लालगंज में वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने पथराव किया, जिसमें आठ वनकर्मी घायल हो गए। टीम 12 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि से अतिक्रमण हटाने गई ...और पढ़ें

    जागरण संवाददाता, मीरजापुर। लालगंज क्षेत्र में शनिवार सुबह वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला हुआ। यह टीम जंगल की रक्षा के लिए निकली थी, लेकिन अतिक्रमण हटाने के दौरान ग्रामीणों ने उन पर पथराव कर दिया। इस हमले में आठ वनकर्मी घायल हो गए, जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। वन विभाग के एक दारोगा ने इस मामले में 24 नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।

    फारेस्टर विनयेंद्र कुमार यादव ने बताया कि 12 हेक्टेयर वन भूमि पर ग्रामीणों ने अवैध कब्जा कर लिया था, जो आरक्षित वनभूमि है। वन विभाग ने उस भूमि पर प्लांटेशन के लिए गड्ढे की खोदाई कराने के लिए जेसीबी के साथ पहुंची थी। इससे पहले से कब्जा जमाए ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम पर पत्थरबाजी करते हुए हमला कर दिया।

    इस हमले में मौके पर मौजूद रेंजर केके सिंह और फारेस्टर किसी तरह बचकर निकलने में सफल रहे, लेकिन आठ वन कर्मी (वाचर) घायल हो गए। घायलों में दीनानाथ, ओमप्रकाश, पप्पू, उमाशंकर, भगवानदास, रामबाबू, जयप्रकाश और बलराम शामिल हैं। जवाबी कार्रवाई में कुछ ग्रामीण भी चोटिल हुए हैं।

    वन विभाग के एसडीओ शेख मोज्जिम मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रभारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह ने बताया कि वन विभाग की तरफ से मिलिट्री के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में छह लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया है।

    यह घटना वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है। वन विभाग का उद्देश्य जंगलों की रक्षा करना और अवैध अतिक्रमण को रोकना है, जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें अपनी आजीविका के लिए इन भूमि का उपयोग करने से रोका जा रहा है।

    इस प्रकार की घटनाएं न केवल वन विभाग के कार्यों को प्रभावित करती हैं, बल्कि स्थानीय समुदायों के बीच भी विवाद उत्पन्न करती हैं। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वन संरक्षण और स्थानीय समुदायों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाना कितना आवश्यक है। आगे की कार्रवाई और स्थानीय प्रशासन की भूमिका इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।