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    मिर्जापुर डबल मर्डर: पोते की जिद बनी 'काल', खेत साथ ले गए थे दादा-दादी, फिर...आरोपी ने बताई हत्याकांड की पूरी कहानी

    राजगढ़ के तालर गांव में एक हृदय विदारक घटना घटी जहां एक मानसिक रूप से बीमार पोते ने अपने दादा-दादी की हत्या कर दी। दादा पीतांबर कोल और उनकी पत्नी हीरा कोल अपने बेटे नरसिंह की सलाह के खिलाफ अपने पोते को खेत पर ले गए जहां उसने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। ग्रामीणों ने हत्यारे पोते को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

    By Prashant Kumar Yadav Edited By: Sakshi Gupta Updated: Sat, 04 Jan 2025 09:09 PM (IST)
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    पोते ने दादा और दादी को मौत के घाट उतार दिया। (तस्वीर जागरण)

    जागरण संवाददाता, मिर्जापुर। राजगढ़ के तालर गांव के रहने वाले दादा पीतांबर अपने बेटे नरसिंह की बात मान जाते ताे उनकी और उनकी पत्नी हत्या नहीं होती। वह बेटे की बात को अनसुना करके पौत्र को खेत (पाही) पर साथ ले गए, जहां वह दरवाजे पर रखी कुल्हाड़ी से खेलते समय अपने ऊपर हमला करने लगा।

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    यह नजारा देख दादा और दादी बीच बचाव करने गए तो उनके ऊपर ही आक्रोशित होकर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। शोरगुल सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने हल्ला-गुल्ला किया तो हत्यारोपित पौत्र उनको छोड़कर पहाड़ी की ओर से भाग निकला। ग्रामीणों ने पकड़कर और पुलिस के हवाले कर दिया। माता पिता की मौत की खबर सुनकर पुत्र नरसिंह कोल परिवार के साथ भागकर घटनास्थल पर पहुंचे तो शव से लिपटकर रोने बिलखने लगे।

    तालर गांव के रहने वाले दादा पीतांबर कोल करीब कई वर्षों से अपनी पत्नी हीरा कोल के साथ करीब दो किलोमीटर दूर पहाड़ी पर पाही बनाकर रहते थे। वहीं पर मेहनत मजदूरी व किसानी का कार्य करते अपना पेट पालते थे। घर से भी कुछ बेटे बहू राशन देते थे।

    दादा-दादी के साथ जाने के लिए पोता करने लगा था जिद

    शनिवार को आटा चावल खत्म हुआ तो उसे लेने के लिए पीताबंर कोल गांव में अपने घर आए थे। बहू व पोते से हाल-चाल लेकर राशन लेकर शाम को चार बजे पाही पर जा रहे थे। इसी बीच मानसिक रूप से बीमार चल रहा छोटा पौत्र छोटू कोल दादा के साथ जाने की जिद करने लगा। बेटे नरसिंह सहित परिवार के लोग उसे वहां जाने से मना कर रहे थे, लेकिन दादा ने कहा कि जाने दीजिए। कुछ देर घूमकर चला आएगा।

    इसके चलते उनके साथ छोटा पौत्र चला गया। उन्हें क्या पता था कि जिस पाैत्र को वह अपने साथ घुमाने ले जा रहे हैं, वो ही उनकी और उनकी पत्नी का मौत का कारण बनेगा। वहां पहुंचने पर दरवाजे के पास लकड़ी काटने के लिए रखी कुल्हाड़ी को लेकर पौत्र खेलने लगा। इसी बीच वह अपने हाथ व सिर पर हमला कर दिया और रोने लगा। पौत्र की तेज आवाज सुनकर कमरे से बाहर निकले दादा पीतांबर ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उनके ऊपर हमला करने लगा।

    कुछ महीने पहले ही मानसिक रूप से हुआ बीमार

    पिता नरसिंह के बताया कि पिछले कुछ माह से छोटू कोल मानसिक रूप से बीमार चल रहा है। उसका इलाज अस्पताल से कराया जा रहा है। कभी कभी वह आक्रोशित होकर घर में मारपीट कर लेता है। ठीक-ठाक हो गया था, लेकिन कैसे उसने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे दिया किसी को पता नहीं है।

    चर्चा रही कि शराब पीने के लिए रुपये नहीं देने पर कर दी हत्या

    तालर गांव में ग्रामीणों में चर्चा है कि पौत्र छोटू कोल दादा दादी से शराब पीने के लिए रुपये की मांग कर रहा था। रुपये नहीं देने पर पौत्र नाराज हो गया और घर के बाहर रखी कुल्हाड़ी से दादा पीतांबर काेल पर हमला कर दिया। बीच बचाव करने दादी हीरा देवी पहुंची तो उनके ऊपर भी हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। हालांकि पुलिस इस बात से इनकार कर रही है।

    देर रात पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल पर पहुंचकर की छानबीन

    पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन ओपी सिंह सहित अन्य पुलिस कर्मियों के साथ पहुुंचकर घटना की छानबीन की। उन्होंने मृतक पीतांबर के बेटे नरसिंह कोल से घटना की जानकारी ली। साथ ही गांव के प्रधान व अन्य लोगों से भी पूछताछ की। कहा कि यह दुखद घटना है ऐसा नहीं होना चाहिए।

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