विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

विंध्याचल धाम में जमीन से निकलने लगी आग, ईश्‍वरीय नहीं बल्कि ब‍िजली व‍िभाग ने क‍िया चमत्‍कार

Published: Thu, 25 Sep 2025 04:27 PM (IST)

मीरजापुर के विंध्याचल में खत्री धर्मशाला के पास जमीन से अचानक आग की लपटें निकलने से दहशत फैल गई। विंध्य ...और पढ़ें

मीरजापुर में बीच सड़क जमीन से न‍िलने लगी आग।
मीरजापुर में बीच सड़क जमीन से न‍िलने लगी आग।

जागरण संवाददाता, मीरजापुर। विंध्याचल में गुरुवार सुबह खत्री धर्मशाला के पास अचानक जमीन से आग की लपटें निकलने से अफरा-तफरी मच गई। इस घटना ने श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। पहले तो चमत्‍कार मान दूर से लोग देखते रहे मगर थोड़ी देर में ब‍िजली व‍िभाग का चमत्‍कार होने की जानकारी होने के बाद लोग दहशत में आ गए।

आग की लपटें निकलने से आसपास की जमीन लगभग आठ फीट तक गर्म हो गई, जिससे लोग भयभीत हो गए। क्षेत्र के कोतवाली रोड, न्यू वीआईपी मार्ग और बच्चा पाठक की गली में घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। स्थानीय निवासियों का कहना है कि विंध्य कारीडोर के अंतर्गत इन गलियों में अंडरग्राउंड बिजली के केबल डाले गए हैं, जो मानकों की अनदेखी कर बेहद सतही स्तर पर बिछाए गए हैं।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। कई स्थानों पर बिजली के तार नालियों से गुजरते हैं, जबकि कुछ स्थानों पर ये इतने ऊँचे हैं कि जमीन और तार लगभग बराबर हो गए हैं। इस घटना पर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजन पाठक ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मनमाने तरीके से किए गए कार्यों की जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

रेनबो पब्लिक स्कूल के प्रबंधक प्रदीप मिश्रा ने बताया कि सभी नियमों को दरकिनार करते हुए केवल कुछ इंच की गहराई में बिजली की केबल डाली गई हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय के पास पहले एक बिजली पोल में करंट आने से एक युवक की मौत हो चुकी है। उस समय स्थानीय लोगों ने डंडों की मदद से बिजली का संपर्क काटा था। इसके अलावा, जमीन के अंदर डाले गए तार भी जल चुके थे।

स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि धाम में आने वाले लाखों भक्तों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने और स्थायी समाधान निकालने की भी अपील की है। इस घटना ने न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल उठाया है, बल्कि स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है।

विंध्याचल धाम में हुई यह घटना न केवल एक आपातकालीन स्थिति है, बल्कि यह स्थानीय प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी है कि वह सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है, और इसे सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।