यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Flood in UP: क्या दोबारा आ सकती है बाढ़? फिर बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर, ग्रामीणों में चिंता
गंगा नदी में जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है जिससे आसपास के ग्रामीण चिंतित हैं। उत्तराखंड में भारी बारिश की ...और पढ़ें

HighLights
- गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा, ग्रामीण चिंतित |
- उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट |
- खादर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा |
संवाद सूत्र, हस्तिनापुर। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र में पिछले कई दिन से लगातार हो रही बरसात के कारण खादर क्षेत्र के ग्रामीण चिंतित हैं। वहीं मौसम वैज्ञानिकों ने उत्तराखंड में भारी बरसात का अलर्ट जारी किया हुआ है। जिससे फिर से गंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
बिजनौर बैराज के अवर अभियंता घनश्याम ने बताया कि गंगा का जलस्तर बिजनौर बैराज से सांय के समय एक लाख 34 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज चल रहा था, जबकि हरिद्वार के भीमगोडा बैराज से गंगा का जलस्तर एक लाख 30 हजार क्यूसेक डिस्चार्ज चल रहा है।
बिजनौर बैराज पर नदी के जलस्तर का खतरे का लेवल 220.00 मीटर है, जबकि अभी गंगा का जलस्तर 0.8 मीटर नीचे 219.20 मीटर पर है। ऐसे में लगातार बरसात के चलते गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है।
दरअसल, बरसात का हर दिन खादर क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी मुसीबत लेकर आता है। उन्हें हर क्षण उन्हें चिंतित करता है। अब पिछले कई दिनों से हो रही बरसात के कारण उन्हें चिंता सता रही है कि कहीं दोबारा से गंगा का जलस्तर ना बढ़ जाए, क्योंकि पिछले सप्ताह अचानक गंगा का जल स्तर बढ़ने से गंगा का तटबंध टूट गया था और खादर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे।
वहीं इन गांव में पानी भरने से लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया था। ग्रामीण सुंदर सिंह, अवतार सिंह आदि ग्रामीणों ने बताया कि अब लगातार हो रही बरसात के कारण गंगा का जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है और उन्हें खतरा सता रहा है कि कहीं दोबारा से खादर क्षेत्र में फिर से बाढ़ जैसी स्थिति ना हो जाए।
