नए साल के जश्न में न भूलें परहेज... अल्कोहल व धूम्रपान से बनाएं दूरी, इन बीमारियों के पीड़ित कई बातें रखें ध्यान
नववर्ष के जश्न में ठंड के दौरान सेहत का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। विशेषकर शुगर, बीपी और हृदय रोगियों को शराब व धूम्रपान से बचना चाहिए। विशेषज्ञों क ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता, मेरठ। ठंड ठीकठाक पड़ रही है और नववर्ष शुरू हो चुका है। कई दिन तक नए साल के स्वागत में पार्टियों का आयोजन होता है। चाहे वह घर हो या बाहर, अपनी सेहत का ख्याल जरूर रखें।
खासतौर पर जो लोग अनियंत्रित शुगर, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्राल की समस्या से परेशान हैं। दिल और सांस के रोगी हैं। खुले वातावरण में जश्न न मनाएं। जो स्वस्थ हैं, वह ठंड के मौसम में अल्कोहल न लें। यह शरीर के तापमान को एकदम से गिरा देती है। जिससे हाइपोथर्मिया की स्थिति बन जाती है। इसमें दिमाग और अन्य अंगों की कार्य क्षमता कमजोर हो जाती है। धूम्रपान भी न करें। विशेषज्ञ चिकित्सक इसे लेकर सतर्कता बरतने की बात कह रहे हैं।
अल्कोहल दिल की ताकत को अचानक कर देती है कम: डा. संजीव सक्सेना, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ

दिल के रोगी अल्कोहल का सेवन न करें। यह दिल की ताकत को अचानक से कम कर देती है। इससे हार्ट फेल होने का खतरा रहता है।
जो लोग बीपी-शुगर के हाई रिस्क में हैं। वह खुले वातावरण में नए साल की पार्टी न मनाएं। इंडोर पार्टी करें। ठंड में हार्ट अटैक का खतरा होता है।
दिल में स्टेन डला है। वाल्व बदले हैं। पेसमेकर पड़ा है तो घर पर ही परिवार के साथ समय बिताएं। ज्यादा उत्साह उनके लिए खतरनाक हो सकता है।
यदि सीने में दर्द, घबराहट या सांस लेने में दिक्कत महसूस हो तो बिना देरी किए नजदीक अस्पताल पहुंचे। ईसीजी जांच कराएं।
नए साल में अल्कोहल, धूम्रपान न करने का संकल्प लें। खाने में नमक पांच ग्राम से अधिक दिनभर में न लें। मरीज तीन ग्राम से अधिक न लें।
मरीज अपने चिकित्सक के अनुसार बताए खानपान का ही पालन करें। परहेज जरूरी है, जरा सी लापरवाही अस्पताल पहुंचा सकती है।
नए साल में संकल्प लें कि 30 साल से ऊपर के लोग प्रतिवर्ष ईसीजी, टीएमटी जैसी जांच कराएं। ताकि दिल की ताकत पता रहे।
सुबह-शाम ठंड के मौसम में घर से बाहर न निकलें। घर के अंदर ही व्यायाम करें। योगा-प्राणायाम आपको सक्रिय रखेगा।
प्रोटीन डाइट अपनाएं, जंकफूड से बचें: डा. अमिताभ गौतम, वरिष्ठ फिजिशियन

- नए साल के जश्न में तरह-तरह के पकवान खाने का मन करता है। पकवान बनाएं, पर सेहत का ध्यान रखकर।
- पकवान प्रोटीन युक्त होने चाहिए। दाल, पनीर, दूध, अंडा, दही, राजमा, छोले, सोयाबीन को अपनाएं। इनके व्यंजन बनाएं।
- मीठा और अत्यधिक नमक खाने से बचें। खासतौर पर शुगर-बीपी के मरीज परहेज करें।
- तला-भुना, जंकफूड के सेवन से बचें। ये वसायुक्त व्यंजन बीमारियों की जड़ हैं।
- गर्म पानी का सेवन करें। ठंड में पानी कम पीने की आदत शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ाती है।
- खानपान में अदरक, गुड़, शहद, लौंग, दालचीनी, हल्दी का सेवन फायदेमंद है।
- नए साल में 30 साल के ऊपर के लोग बीपी, शुगर की प्रतिवर्ष जांच कराने का संकल्प लें। ताकि परेशानी समय से पता चल सके।
- यह भी संकल्प लें कि धूम्रपान नहीं करेंगे। इससे बुरा कुछ नहीं है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग अपनाएं।

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