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Nana Patekar: गणपति पूजा और वो आखिरी मुलाकात... अब बिना नाना होगी 27 अक्टूबर काे सेमीनार; रमन त्यागी ने याद किए बीते पल

By Om Bajpai Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 09 Oct 2026 05:28 PM (GMT+05:30)

Nana Patekar: नाना पाटेकर का निधन सिने प्रेमियों के लिए गहरा आघात है। नदियों के संरक्षण के क्षेत्र में काम ...और पढ़ें

गत 14 सितंबर को गणपति पूजा के अवसर पर नाना पाटेकर के पुणे स्थित आवास पर पहुंचे नीर फाउंडेशन के संस्थापक रमन त्यागी। सौ. स्वयं

गत 14 सितंबर को गणपति पूजा के अवसर पर नाना पाटेकर के पुणे स्थित आवास पर पहुंचे नीर फाउंडेशन के संस्थापक रमन त्यागी। सौ. स्वयं

HighLights

  1. मेरठ निवासी रमन त्यागी पिछले चार साल से नाना पाटेकर से जुड़े थे।

  2. गणपति पूजा के दौरान वह 10 दिनों तक उनके पुणे स्थित घर पर रहे।

जागरण संवाददाता, मेरठ। फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का अचानक चले जाना सिने प्रेमियों के लिए गहरा आघात है। हालांकि, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर मेरठ में उनका कभी आगमन नहीं हुआ, लेकिन उनके बेमिसाल अभिनय और सादगी भरे व्यक्तित्व की अमिट छाप मेरठ वासियों के दिलों पर हमेशा रही।

स्क्रीन पर उनका दमदार अभिनय हो या "नाम फाउंडेशन" के जरिए समाजसेवा, उनके कृतित्व ने यहां के लोगों और कला प्रेमियों को सदैव प्रेरित किया है। नीर फाउंडेशन के रमन त्यागी ने बताया कि महाराष्ट्र में नाना पाटेकर ने ‘नाम फाउंडेशन’ संस्था बनाई थी। इसी के तहत नाना पाटेकर किसानों, नदियों और पर्यावरण के क्षेत्र में बड़े काम कर रहे थे। वह बलिदानी सैनिकों के परिवारों की आर्थिक मदद के लिए काम करते थे।

रमन कहते हैं कि चूंकि, वह नदियों के संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहे हैं, इसी के चलते वह चार साल से नाना पाटेकर से जुड़े थे। उनके बेटे मल्हार से उनकी मित्रता है। हर साल गणपति पूजा के दौरान वह 10 दिनों तक अपने पुणे स्थित घर में ही रहते थे और परिचितों को कार्यक्रम में आमंत्रित करते थे। बताया कि गत 14 सितंबर को वह उनसे मिलने गए थे। दिल्ली में नदियों पर 27 अक्टूबर को गोष्ठी होनी है, जिसमें नाना पाटेकर ने आने की स्वीकृति भी दी थी।

वह जितने बड़े अभिनेता थे, उसी कद के साथ सामाजिक दायित्वों का भी निर्वाहन करते थे। उनकी जिंदगी में बनावट की कोई जगह नहीं थी।

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‘तिरंगा’ फिल्म की लाॅचिंग पर नाना पाटेकर से मिले थे देवेश त्यागी

नंदन सिनेमा हाल के मालिक देवेश त्यागी बताते हैं कि उनके सिनेमा हाल में तिरंगा और क्रांतिवीर दोनों फिल्मों के शो चले थे। दोनों फिल्मों के निदेशक मेहुल कुमार थे। ‘तिरंगा’ फिल्म की लाॅचिंग के दौरान दिल्ली में नाना पाटेकर से मुलाकात हुई थी। देवेश बताते हैं कि वह साधारण और स्पष्टवादी थे।

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देसी अंदाज में किसी को भी ‘तू’ कहकर संबोधित करते थे, इसलिए लोग उनसे ज्यादा सवाल नहीं करते थे। राजकुमार और नाना पाटेकर के डाॅयलाग पर सिनेमा हाॅल सीटियों से गूंज उठते थे। दोनों की संवाद अदायगी के दर्शक दीवाने हुआ करते थे। नाना पाटेकर अपनी कमाई का बड़ा भाग किसानों की भलाई में लगाते थे।

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'उनके जैसा कलाकार बालीवुड में दूसरा नहीं'

वर्ल्ड बुक आफ रिकार्ड्स लंदन से सम्मानित वरिष्ठ फिल्म छायाकार ज्ञान दीक्षित ने फिल्मिस्तान स्टूडियो मुंबई में फिल्म क्रांतिवीर के सेट पर नाना पाटेकर की फोटो खींची थी। ज्ञान दीक्षित ने बताया कि ‘अंकुश’ नाना पाटेकर की शुरुआती फिल्म है। बताते हैं कि वह फक्कड़ मिजाज के इंसान थे। यूनिट के कर्मियों से मांगकर सिगरेट पी लिया करते थे। उनके जैसा कलाकार शायद ही बालीवुड में हो।