राजकुमार@100: जानी! हम नहीं चाहते हमारी जवानी बीमार पड़े... 'जवान राजकुमार' वेद थापर ने साझा किए एक्टर के अनसुने किस्से
Rajkumar 100th birthday: आठ अक्टूबर 2026 काे दर्शकों के दिल में बसे अभिनेता राजकुमार के जीवन के सौ वर्ष पूर्ण ...और पढ़ें

अभिनेता राजकुमार और फिल्म सौदागर में राजकुमार की जवानी की भूमिका में वेद थापर। सौ. सोशल मीडिया
HighLights
मेरठ के वेद थापर ने 'सौदागर' में युवा राजकुमार का किरदार निभाया था।
वेद थापर को याद है राजकुमार के साथ गुजरा हर पल।
प्रवीण वशिष्ठ, मेरठ। पाकीजा', 'मदर इंडिया,' 'हीर रांझा', 'नील कमल', 'वक्त' 'सौदागर' और 'तिरंगा' जैसी अनेक फिल्मों में अपने अभिनय से खास पहचान बनाने वाले अभिनेता राजकुमार के देहांत (3 जुलाई 199) को तीन दशक बीत चुके हैं, लेकिन उनकी डायलॉग डिलीवरी आज के युवाओं को भी दीवाना बनाती है।
8 अक्तूबर 1926 को ब्लूचिस्तान के लोरलाई (वर्तमान पाकिस्तान) में जन्में राजकुमार का वास्तविक नाम कूलभूषण पंडित था। यानि राजकुमार आज भले ही हमारे बीच न हों, लेकिन फैन उनकी जन्म शताब्दी (Birth Centenary) मना रहे हैं।
खास बात यह है कि वर्ष 1991 में आई फिल्म सौदागर में मेरठ में जन्में अभिनेता वेद थापर ने उनकी जवानी का रोल किया था। उन्हें देखकर कई दर्शक पहली नजर में उन्हें राजकुमार ही समझने लगते थे। फिल्म में उनके संवाद भी राजकुमार ने ही डब किए थे। इसका हिट गीत 'इमली का बूटा...' का शुरुआती हिस्सा भी उन पर फिल्माया गया था।

वेद थापर।
वेद थापर को याद है राजकुमार के साथ गुजरा हर पल
वेद थापर को शूटिंग और उससे पहले राजकुमार के साथ गुजरा एक-एक पल आज भी ऐसे याद है, जैसे कल ही की बात हो। दैनिक जागरण से फोन पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि सबसे पहले महान फिल्मकार चेतन आनंद ने उनमें राजकुमार झलक देखी थी। परमवीर चक्र धारावाहिक के सिलसिले में वह चेतन आनंद से मिलने पहुंचे तो उन्होंने कहा था कि 'आओ राज आओ...'
इसके बाद चेतन आनंद के बंगले पर हुई पार्टी में राजकुमार से भेंट हुई। इसका किस्सा भी खास है। चेतन आनंद ने राजकुमार से कहा कि 'आज आपको ऐसे इंसान से मिलवाता हूं, जिसे देख आप चौंक जाएंगे।' चेतन आनंद ने वेद थापर को सामने खड़ा किया तो राजकुमार बोले- 'ये तो हमारे जैसे दिखते हैं।'
'जिंदगी जीने के लिए कोई ऐब तो पाल लो...'
वेद थापर बताते हैं कि राजकुमार ने उन्हें ड्रिंक के लिए आमंत्रित किया। उनके शराब क्या चाय-काॅफी तक न लेने पर उन्हें आश्चर्य हुआ। मुस्कुराते हुए कहा कि 'जिंदगी जीने के लिए कोई ऐब तो पाल लो...'
इसके बाद मुम्बई में रंगमंच पर अभिनय देखकर मशहूर अभिनेत्री दीप्ति नवल ने उनका नाम सौदागर में राजकुमार की युवावस्था के रोल के लिए निर्देशक सुभाष घई को सुझाया।
राजकुमार ने दिलवाई थी जैकेट
सौदागर की महाबलेश्वर में शूटिंग के दौरान राजकुमार खुद जीप चलाकर पहुंचते थे। साथ चल रही कार में उनका मेकअप मैन, शेफ और हेयर ड्रेसर तक होता था, जबकि वह विग लगाते थे। वेद महाबलेश्वर में सामान्य कपड़ों में पहुंच गए थे और मौसम सर्दी का था। राजकुमार उन्हें लेकर बाजार गए और जैकेट दिलवाते हुए कहा कि 'जानी हम नहीं चाहते हमारी जवानी बीमार हो।'
'राजा थे राजकुमार'
वेद थापर राजकुमार को याद करते हुए कहते हैं कि वह वास्तव में राजा थे। केवल गलत लोगों से रूखा व्यवहार करते थे, जबकि उन्हें चमचागिरी बिल्कुल भी पसंद नहीं थी। पैर छुआना भी पसंद नहीं करते थे। आउटडोर शूटिंग के समय अपने से जूनियर कलाकारों और अन्य स्टाफ के साथ-साथ बैठकर भोजन करना उन्हें पसंद था।
सामाजिक कार्याें से जुड़े हैं वेद
वेद थापर इन दिनों छोटे-बड़ृे पर्दे और रंगमंच पर अभिनय में कम और समाजसेवा को अधिक समय दे रहे हैं। वह खुद मार्शल आर्ट ट्रेनर हैं। मुम्बई में हम आवाज नाम का एनजीओ चलाते हैं। इसके माध्यम से आपदा प्रबंधन, प्राथमिक चिकित्सा और सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण देते हैं।
राजा और रैंचो से हुए मशहूर
सौदागर फिल्म के बाद वेद थापर ने कई फिल्मों और धारावाहिकों में काम किया। राजा और रैंचो को दर्शक आज भी याद करते हैं। उनके काम को जी हारर शो, आहट, भारत एक खोज, अदालत, बड़े अच्छे लगते हैं आदि धारावाहिकों और दुश्मनी, लज्जा, गली बॉय आदि फिल्मों में भी बहुत पसंद किया गया।
