Morari Bapu in Muzaffarnagar: विश्वविख्यात कथा वाचक मोरारी बापू बोले- राजनीति में नीति बहुत जरुरी
Morari Bapu in Muzaffarnagar तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित गंगा किनारे चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन सोमवार को विश्वविख्यात कथा वाचक मोरारी बापू ने कहा ...और पढ़ें

मुजफ्फरनगर, जेएनएन। तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित गंगा किनारे चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन सोमवार को विश्वविख्यात कथा वाचक मोरारी बापू ने कहा कि राजनीति में नीति बहुत आवश्यक है, नीति के बगैर राज्य टिक नही सकता है। धन बुरी चीज नही है बल्कि धर्म के बिना धन नष्ट हो जाता है। गुरु की महिमा पर बापू ने कहा कि गुरु की आज्ञा का पालन करना चाहिए, कभी भी गुरु की आज्ञा की अवहेलना नही करनी चाहिए। साधन में विवेक होना जरूरी है। प्रणय के बिना प्रीति असफल है। प्रेम में रूठना मनाना स्वाभाविक है लेकिन प्रीत में विनम्रता है।

मुजफ्फरनगर स्थित शुकतीर्थ में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन विश्वविख्यात कथा वाचक मोरारी बापू ने कहा कि अहंकार करने पर गुणवान के अंदर गुण नही टिकते है। वेद कहते है कि शुभ वस्तु जहां से भी मिले उसे ले लो। दुश्मन को कभी भी कमजोर नही समझना चाहिए। अकारण बने विरोधियों से चिंता मत करो। रोग व शत्रु को बढ़ाना नही चाहिए बल्कि इनका इलाज करना चाहिए। एक बूंद पानी की हरियाली ला सकती है वही अग्नि पूरी दुनिया को जला सकती है। परमात्मा राम ईश्वर है, शिवजी भक्ति के भंडारी है। मनुष्य जाति धन्य है इसमें भी ब्राह्मण श्रेष्ठ है। परमात्मा को समर्पित किए बिना सत्कर्म नही टिकता है। भगवान की कथा जब शुक के कंठ से निकलती है वह भागवत कथा शंख स्नान है। राम तत्व क्या है जिसकी कोई सीमा नही हो।
संस्कार बिगाडऩे वाले चित्र मत देखो
मोरारी बापू ने कहा कि वह सिक्किम में हुई कथा से भक्तों को एक ही संदेश देते है कि टीवी देखो मगर संस्कार बिगाडऩे वाले चित्र बिल्कुल मत देखो, दफ्तर में जाओ अपना काम करो, काम पूरा करने के बाद शाम को अपने परिवार के साथ बैठो, देखो, पढ़ो, विश्राम कक्ष में जाओ और सो जाओ, लेकिन यदि नींद न आए तो समय बर्बाद न करो, भरोसे के साथ हरि का नाम लो। सब कुछ ठीक हो जाएगा।
बार्डर से छुट्टी लेकर कथा सुनने पहुंचा जवान
मोरारी बापू के श्रीमुख से श्रीराम कथा सुनने के लिए चीन के बार्डर पर तैनात एक जवान शुकतीर्थ में पहुंचा। दस दिन की छुट्टी लेकर पहुंचे जवान को बापू ने मंच पर बुलाकर सम्मानित भी किया। इसके बाद जवान ने बापू की आरती भी की।
बापू ने कराया सिया राम का गुणगान
श्रीराम कथा के दौरान जहां भक्तों ने बापू के श्रीमुख से राम कथा का श्रवण किया वही, मोरारी बापू ने भक्तों को राम, सिया राम, राम-राम, हनुमान जी की जय, हरि बोल, राधा-माधव, जय कुंज बिहारी की का गुणगान कराया तो श्रद्धालु झूम उठे।

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