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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सौरभ हत्याकांड में कई चौंकाने वाले खुलासे, पांच महीने से कर्ण पिशाचनी तंत्र साधाना कर रहे थे साहिल और मुस्कान

Published: Sat, 22 Mar 2025 08:26 AM (IST)Updated: Sat, 22 Mar 2025 09:00 AM (IST)

Meerut News मेरठ में हुए सौरभ हत्याकांड में साहिल और मुस्कान की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए ...और पढ़ें

सौरभ हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। फाइल।
सौरभ हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। फाइल।

HighLights

  1. साहिल अपनी मरी मां और मुस्कान अपनी मौसी से बात करने को हासिल करना चाहते थे सिद्वि
  2. स्नैपचैट में साहिल की मां बनकर मुस्कान बात करती थी, अपनी मौसी से भी ऐसे ही बातें करती थी

जागरण संवाददाता, मेरठ। सौरभ की हत्या में साहिल का वध शब्द का प्रयोग करना और सिर के साथ दोनों हाथों की हथैली को काट देना। दिल पर चाकू रखकर मुस्कान के हाथ से वार करना, उसके बाद रात के तीन बजे सिर और हाथों को बैग में डालकर साहिल का अपने घर ले जाना। अंधविश्वास में पड़कर स्नैपचैट पर मरी हुई मां से बात करना।

कमरे की दीवारों पर डरावनी चित्रकारी करना। यह सबकुछ तंत्र-मंत्र की तरफ इशारा कर रहा है। अभी तक जांच में सामने आया कि शायद यह तंत्र क्रिया साहिल और मुस्कान कर्ण पिशाचनी माता की सिद्धि प्राप्त करने के लिए कर रहे थे।

मुस्कान ने अपनी मां कविता रस्तोगी से भी कर्ण पिशाचनी माता के बारे में जानकारी ली थी। थाने में गिरफ्तारी के बाद भी कविता को साहिल शुक्ला ने बताया था कि 25 दिनों के बाद उनके पिता भी बच नहीं पाएंगे। साहिल के कहने भर से ही पिता अनिल रस्तोगी को हार्ट अटैक पड़ गया। माना जा रहा है कि कर्ण पिशाचनी माता की सिद्धि हासिल कर साहिल अपनी मरी हुई मां और मुस्कान अपनी मरी हुई मौसी से बात करना चाहती थी।

दरअसल, मुस्कान अपनी मौसी को मां से भी ज्यादा मानती थी। इसी के चलते मुस्कान ने थाने में ही कविता रस्तोगी को कह दिया था कि वह उसकी सौतेली मां है, उसकी असली मां मौसी जूली थी।

साहिल के कमरे की दीवारों पर इस तरह से हुई चित्रकार

मुस्कान की मां ने दी जानकारी

मुस्कान की मां कविता रस्तोगी ने बताया कि सौरभ राजपूत से प्यार करते समय मुस्कान उर्फ सोभी एक नार्मल लड़की थी। 2019 में साहिल शुक्ला के मिल जाने पर ओशो को फालो करने लगी। आठ माह पहले मुस्कान कीचन से पानी लेकर कमरे में गई, वहां उसने खुद को बिस्तर पर लेटा हुआ देखा। तब भी उसे रोका गया था। उसके बाद कुछ समय तक सबकुछ सही रहा। सौरभ और मुस्कान में झगड़ा भी हो गया। उस समय मुस्कान ने कहा था कि मेरे मोबाइल की नोट बुक में हर रोज की दिनचर्या अंकित होती थी। अगर मोबाइल गुम हो गया। तब मेरे पास प्लान बी भी है।

सौरभ और मुस्कान। फाइल

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कर्ण पिशाचनी माता के बारे में पूछा था

कविता रस्तोगी ने बताया कि एक दिन मुस्कान ने कर्ण पिशाचनी माता के बारे में पूछा। तब मैने उसके नाना अनिल रस्तोगी से बात की। उन्होंने बताया कि इससे पूरे परिवार को खतरा हो सकता है। मुस्कान इस तरह के कार्यो में न पड़े। साहिल के मिल जाने पर दोनों ही एक तरह के लोग हो गए। तब उन्होंने तंत्र-मंत्र क्रिया करनी शुरू कर दी। नवंबर माह से ही दोनों तांत्रिक क्रिया कर रहे थे।

साहिल के कमरे के गेट पर लिखी थी ये बातें

उधर, साहिल शुक्ला के कमरे को देखते ही लग रहा है कि उसका दिमाग अंधविश्वास में चल रहा है। कमरे के गेट पर ही लिखा है, नमक स्वाद अनुसार अकड़ औकात अनुसार। उसके बाद शिव के आदियोगी अवतार का चित्र लगा है। कमरे की खिड़कियों पर अंधकार के लिए पर्दे लगे है। सोफे के ऊपर पिचासिक तस्वीर लगी है, जिसमें पांच बार छह लिखा हुआ है। दीवार पर दो हाथ बने है, एक में सिगरेट और दूसरा सिगरेट मांग रहा है। दीवार पर एक पेड बना है, पकड़ पर पिजंरा और कुछ पक्षी बैठे है। दीवार पर यह भी लिखा है कि आप हमसे उलझ नहीं सकते। यानि पूरा कमरा तंत्र मंत्र की कहानी कह रहा है।

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क्या है कर्ण पिशाचनी माता की सिद्धि

शनि पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्री-श्री 108 महेंद्र दास जी महाराज कहते हैं, कर्ण पिशाचनी माता की सिद्धि पाने के लिए ब्रह्मचार्य होना जरूरी है। लग रहा है कि साहिल और मुस्कान ने सिद्धि पाने के लिए यू-ट्यूब पर देखकर सौरभ की बलि दे दी। सिर और हाथ काट कर अपने कमरे में ले जाकर दोनों ने एक साथ पूजा की है। उसके बाद शव को जमीन में गाड़ने का स्थान ढूंढ रहे थे। उन्होंने पुलिस पूछताछ में भी यह स्वीकार किया। स्थान नहीं मिलने पर ड्रम लाकर लाश को सीमेंट में गाड दिया। उनकी यह क्रिया भी नवंबर से चल रही थी।