Martyr Subedar Ram Singh: नम आंखों के बीच मेरठ में शहीद सूबेदार रामसिंह को दी गई अंतिम विदाई
मेरठ में शुक्रवार को शहीद सूबेदार रामसिंह के निवास स्थान के बाहर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। शहीद का पार्थिव शरीर शाम को उनके निवास स्थान पर पहु ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मेरठ। शुक्रवार की देर शाम को सूरजकुंड में शहीद सूबेदार रामसिंह का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर सेना के जवानों, गणमान्य व्यक्तियों सहित सैंकड़ों लोग यहां पर मौजूद रहे। राजौरी में आतंकियों से मुठभेड़ में मेरठ के सूबेदार रामसिंह शहीद हो गए थे। शहीद रामसिंह का पार्थिव शरीर शुक्रवार की शाम को उनके निवास स्थान पर पहुंचा। यहां पहले से ही बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं। सांसद राजेंद्र अग्रवाल भी यहां शहीद के परिवारीजनों को सांत्वना देने पहुंचे। शहीद के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। इसके पूर्व ईशापुरम में शहीद सूबेदार राम सिंह के घर पर शुक्रवार सुबह एडीएम सिटी अजय तिवारी व एसपी सिटी विनीत भटनागर स्वजन से मिले।

रि. कैप्टन वीर सिंह रावत ने उन्हें अंतिम संस्कार की तैयारियों के बारे में बताया। शहीद सूबेदार राम सिंह का पार्थिव देह दोपहर बाद दो बजे तक ही मेरठ घर पहुचेंगा। शहीद के घर आसपास के लोगों का तांता लगा है। घर पर आने वाले अधिकतर लोग आसपास रह रहे सेना से सेवानिवृत्त सैनिक हैं। 16 गढवाल के सेवानिवृत्त सैनिक व उत्तराखंड के मूल निवासी काफी संख्या में ईशापुरम में यहां पर रहते हैं। इस मौके पर स्थानीय पार्षद विजय सोनकर आदि मौजूद रहे। शाम को ही शहीद के अंतिम संस्कार के लिए उनका पार्थिव शरीर सूरजकुंड लाया गया। इस दौरान उन्हें नमन करने के लिए बड़ी संख्या में लोग सूरजकुंड मेंं मौजूद रहे। सेना के जवान भी यहां पर मौजूद थे।

तलवार पेट्रोल पंप के पास शहीद द्वार बनाने की मांग
16 गढवाल से सेवानिवृत्त कैप्टन बीर सिंह रावत ने एडीएम सिटी अजय तिवारी व एसपी सिटी विनीत भटनागर से मवाना रोड स्थित तलवार पेट्रोल पंप के पास रक्षापुरम डिवाइडर पर शहीद द्वार बनाने की मांग की। अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है।

सोलेन से बोले - जिम्मेदारी जल्दी ही सिर पर आ गई
शहीद सूबेदार राम सिंह के घर पहुंचे एडीएम सिटी अजय तिवारी व एसपी सिटी विनीत भटनागर ने शहीद के इकलौते पुत्र सोलेन भंडारी से कहा कि पिता के जाने के बाद तुम्हारे सिर पर जिम्मेदारी जल्दी आ गई है। आप को सोच समझकर आगे अपना रास्ता चुनना है।

ड्रिल इंस्ट्रक्टर भी रह चुके हैं राम सिंह
कैप्टन बीर सिंह रावत ने बताया कि शहीद सूबेदार राम सिंह सेना में ड्रिल इंस्ट्रक्टर भी रह चुके हैं। सूबेदार रामसिंह के शहीद होने की सूचना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ी हुई है। शहीद के घर संबंधितों व लोगों की भीड़ लगी हुई है। अंदेशा जताया जा रहा है कि 2 बजे के बाद ही शव मेरठ पहुंचेगा। प्रशासनिक अधिकारी भी शहीद के घर पहुंचे हुए हैं। वहीं परिवार के लोगों का आसपास के लोग ढ़ाढस बढ़ा रहे हैं।


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