मेरठ में अस्पताल की दूसरी मंजिल से कूदकर मरीज ने दी जान, खून की कमी होने पर ICU में कराया था भर्ती, शीशा तोड़कर लगाई छलांग
मेरठ के लोकप्रिय अस्पताल में आईसीयू में भर्ती मरीज संजय चौधरी ने दूसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी। खून की कमी के कारण भर्ती संजय बाथरूम का शीशा तोड़कर क ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मेरठ। लोकप्रिय अस्पताल में दूसरी मंजिल पर आइसीयू में भर्ती मरीज शुक्रवार रात लगभग 10 बजे अकेले ही बाथरूम में पहुंचा और शीशा तोड़कर नीचे कूद गया। सिर के बल गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया गया।
घटना के बाद स्वजन ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि उन्हें मरीज जिंदा चाहिए। पुलिस ने लोगों को शांत किया। पुलिस का कहना है मरीज के यह कदम उठाए जाने के कारणों की जांच की जा रही है। मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के हमीरपुर निवासी संजय चौधरी माइक्रोटेक बैट्री की कंपनी में काम करते थे।
परिवार के साथ रहते थे किराए पर
वह मेरठ में परिवार के साथ किराए पर रहते थे। इसी कालोनी में संजय के जीजा प्रदीप भी रहते हैं। प्रदीप बिजली विभाग में क्लर्क हैं और उनकी तैनाती बुलंदशहर में है। पत्नी ज्योति चौधरी ने बताया कि संजय के शरीर में खून की कमी आ गई थी।
डाक्टर पीके शुक्ला की देखरेख में मंगलवार शाम संजय को लोकप्रिय अस्पताल में दूसरी मंजिल पर स्थित आइसीयू में भर्ती कराया था। संजय के लिए चार यूनिट खून की मांग की थी। चार यूनिट खून मुहैया करा दिया था। तीन यूनिट खून संजय को चढ़ाया जा चुका था। ज्योति का आरोप है कि भर्ती कराने के बाद संजय चौधरी से परिवार के लोगों को नहीं मिलने दिया गया।
10 बजे ज्योति के मोबाइल पर आई कॉल
शुक्रवार शाम ज्योति खाना खाने के लिए घर चली गई थीं। रात 10 बजे ज्योति के मोबाइल पर काल आई कि संजय आइसीयू के बाथरूम का शीशा तोड़कर नीचे कूद गए हैं। परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे तो संजय मृत मिले। परिवार के लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल प्रशासन से संजय को ¨जदा लौटाने की मांग करने लगे।
उनका कहना था कि संजय को आइसीयू से अकेले बाथरूम तक क्यों जाने दिया गया। इस घटना के लिए अस्पताल प्रशासन दोषी है। संजय के जीजा का कहना है कि वह मामले में मुकदमा दर्ज कराएंगे। लोकप्रिय अस्पताल के संचालक डा. रोहित र¨वद्र का कहना है कि संजय चौधरी को डा. पीके शुक्ला लेकर आए थे। उनकी देखरेख में ही वह आइसीयू में भर्ती था। रात के समय संजय बेड से उठकर कुछ देर आइसीयू में घूमा और बाहर चला गया।
वहां का स्टाफ उसके पीछे दौड़ा। संजय ने बाथरूम के अंदर जाकर दरवाजा बंद कर लिया। कुछ मिनट बाद ही बाथरूम का शीशा तोड़कर नीचे कूद गया। उसकी मौत की वजह क्या है? पुलिस जांच कर रही है। पूरे प्रकरण में अस्पताल प्रशासन की कोई गलती नहीं है।

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