Meerut News : सुशांत सिटी में फ्लैट के अंदर मिला जालंधर निवासी टायर कंपनी के मैनेजर का शव
Meerut News मेरठ के सुशांत सिटी में एक टायर कंपनी के मैनेजर ओंकार सिंह अपने फ्लैट में मृत पाए गए। ओंकार सिंह जालंधर के रहने वाले थे और सीएट टायर कंपनी में कार्यरत थे। डाक्टरों के अनुसार उन्हें हार्ट अटैक से पहले सांस फूलना जैसे लक्षण दिख सकते हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जागरण संवाददाता, मेरठ : सुशांत सिटी के सेक्टर तीन में बंद फ्लैट में टायर कंपनी के मैनेजर का शव पड़ा मिला। रविवार सुबह काम करने पहुंची महिला अनुचर ने गेट नहीं खुलने पर मकान स्वामी को जानकारी दी। उसके बाद धक्का लगाकर गेट खोला गया। बेड पर शव मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा दिया।
जालंधर में पठानकोट रोड पर 64 वर्षीय ओंकार सिंह का परिवार रहता हैं। ओंकार परतापुर स्थित सीएट टायर कंपनी में मैनेजर थे, जो सुशांत सिटी के सेक्टर तीन में किराए के फ्लैट पर रहते थे। उनके साथ ही अलग रूम में गिरीश त्यागी रहते हैं।
शनिवार को ड्यूटी से आने के बाद ओंकार सिंह ने रात 10 बजे गिरीश त्यागी से बातचीत की। गिरीश ने बताया कि ओंकार कांवड़ यात्रा के दौरान छुट्टी लेकर घर जाना चाहते थे। 18 जुलाई को जाने के लिए गोल्डन टेंपल ट्रेन से सीट भी आरक्षित करा ली थी।
गिरीश से बातचीत करने के बाद ओंकार सिंह सो गए। रविवार की सुबह महिला अनुचर पूजा बर्तन साफ करने के लिए पहुंची। ओंकार के रूम का गेट अंदर से बंद था। पूजा ने मकान स्वामी को जानकारी दी। उसके बाद मकान स्वामी ने धक्का देकर गेट खोल दिया।
तत्काल डाक्टर को बुलाया गया। डाक्टर ने बताया कि ओंकार सिंह की मौत हो चुकी है। पूजा के मोबाइल से परतापुर पुलिस को सूचना दी गई। चौकी प्रभारी शिवम कुमार ने शव का पंचनामा भर दिया। उसके बाद परिवार के लोगों के पहुंचने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
इंस्पेक्टर सतवीर अत्री ने बताया कि मौखिक तौर पर डाक्टरों ने जानकारी दी कि ओंकार की मौत हार्ट अटैक से हुई है। माना जा रहा है कि रात 12 बजे के बाद ही हार्टअटैक आया है। पुलिस विस्तृत कारणों की जांच कर रही है।
हार्ट अटैक से पहले के लक्षणों को जानें : डा. विनीत बंसल
कई बार अटैक से कुछ दिनों पहले से चलने फिरने में सांस फूले, छाती में दर्द और घुटन जैसे लक्षण उभरते हैं। अचानक उल्टे हाथ में दर्द, जबड़े में दर्द, छाती पर दबाव, पसीना और घुटन गंभीर हार्ट अटैक के लक्षण हैं।
-अचानक धड़कन बिगड़ने से भी मौत हो सकती है जिसे अरीदिमिया कहते हैं। इसमें बीपी लो हो जाता है। दूसरी स्थिति ये है कि हार्ट की पंपिंग पहले से कमजोर हो। लंग्स में पानी भरने से हार्ट फेल हो सकता है। या फिर तेज अटैक पड़ा हो। साइलेंट हार्ट अटैक ज्यादातर बुजुर्गों, शुगर एवं किडनी के रोगियों में देखा गया है।
-अकेले रहने वाले लोग घर में डिस्प्रिन, रक्त पतला करने वाली क्लोपीडिग्राल और सार्बिट्रेंट नामक दवा रखें। बीपी नार्मल या ज्यादा हो, सार्बिट्रेट तभी खाएं।
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