यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Namo Bharat Lift Case: जिस लिफ्ट में बेहोश हुए थे 8 लोग, उसे फिर से किया गया चालू; मगर इस बदलाव के साथ
मेरठ साउथ स्टेशन पर नमो भारत ट्रेन की लिफ्ट क्षमता से अधिक यात्रियों के कारण बंद हो गई थी। घटना ...और पढ़ें

HighLights
- मेरठ साउथ स्टेशन पर लिफ्ट फिर शुरू |
- क्षमता से अधिक यात्री होने से हुई थी बंद |
- एनसीआरटीसी ने गठित की जांच कमेटी |
जागरण संवाददाता, मेरठ। नमो भारत ट्रेन के मेरठ साउथ स्टेशन पर रविवार को घटना के बाद बंद की गई लिफ्ट मंगलवार को फिर से शुरू कर दी गई है। सुरक्षाकर्मी को भी तैनात किया गया है। दूसरी ओर, विद्युत सुरक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक पुलकित खरे ने इस बाबत रिपोर्ट तलब की है।
मेरठ साउथ स्टेशन पर रविवार शाम करीब सात बजे मेरठ से दिल्ली जाने वाली नमो भारत ट्रेन में सफर करने के लिए यात्री लिफ्ट में चढ़े। लिफ्ट की वजन क्षमता एक हजार किलोग्राम है। उसमें 13 लोग ही जा सकते है, लेकिन सीओ सौम्या अस्थाना के अनुसार इस लिफ्ट में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे।
लिफ्ट अचानक बंद हो गई। सवा घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहने के कारण आठ लोगों की हालत बिगड़ गई थी। स्टेशन स्टाफ से मदद न मिलने के बाद यात्रियों ने पुलिस को फोन कर मदद मांगी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लिफ्ट खुलवाकर लोगों को बाहर निकाला था।
8 लोगों को सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था। यही नही स्टेशन स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर दिल्ली के रोहिणी निवासी रूबीना जफर ने परतापुर थाने में तहरीर दी थी।
सोमवार को एनसीआरटीसी के एमडी शलभ गोयल, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स सहित कई अधिकारियों और ओटीआईएस कंपनी के स्टाफ ने स्टेशन का जायजा लिया।
मौका मुआयना करने के बाद उन्होंने जांच कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिये। लिफ्ट की देखरेख कर रही ओटीआईएस कंपनी को गार्ड तैनात करने के लिए कहा गया। मंगलवार को लिफ्ट शुरू होने पर यहां गार्ड तैनात किया गया।
दूसरी ओर, विद्युत सुरक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक पुलकित खरे कहा कहना है कि इस स्टेशन पर लिफ्ट शुरू करने से पहले उनके कार्यालय से नियमानुसार एनओसी ली गई है। एनओसी की शर्त के अनुसार लिफ्ट मे गार्ड की तैनाती जरूरी है पर घटना के दिन गार्ड मौके पर नही था।
विद्युत फाल्ट न होने के कारण उनके विभाग की टीम ने मौके पर जाकर जांच नही की। इस मामले में मैकेनिकल फाल्ट नजर आ रहा है, जिसकी जांच एनसीआरटीसी करा रही है। इस बाबत एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स से बातचीत की गई पर उन्होंने जांच रिपोर्ट आने तक कुछ भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
