यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यूपी के इस जिले में बनने जा रहा शानदार एयरपोर्ट, 72 सीटर विमान उड़ाने की तैयारी
मेरठ में 72 सीटर विमान उड़ाने की योजना को लेकर राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने नागरिक उड्डयन मंत्री से ...और पढ़ें

HighLights
- मेरठ में एयरपोर्ट के लिए डीजीसीए से मांगी एनओसी
- राज्यसभा सदस्य ने की नागरिक उड्डयन मंत्री से बात
जागरण संवाददाता, मेरठ। हवाई पट्टी का विस्तार करके मेरठ में एयरपोर्ट निर्माण कराने तथा 72 सीटर विमान उड़ाने की सुविधा शुरू कराने को लेकर राज्यसभा सदस्य डा लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से नई दिल्ली में बातचीत की। बताया कि डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय भारत सरकार) के अनुसार 210 मीटर चौड़ी व 2280 मीटर लंबी हवाई पट्टी से एटीआर 72 सीटर विमान उड़ सकता है।
वर्तमान हवाई पट्टी 80 मीटर चौड़ी व 1800 मीटर लंबी है। इसकी चौड़ाई लंबाई बढ़ाकर 210 मीटर चौड़ी व 2280 मीटर लंबी करने के लिए भूमि उपलब्ध है। प्रस्तावित चार हेक्टेयर भूमि के लिए छह लोगों को 23 करोड़ का भुगतान करना है। यह धनराशि उप्र सरकार द्वारा दी जाएगी। ऐसा होने पर यह जमीन एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया (एएआइ) दर्ज हो जाएगी। जमीन मिलने के बाद एएआइ हवाई पट्टी विस्तार का कार्य शुरू कर देगा।
72 सीटर विमान उड़ाने की योजना तैयार
बताया कि एएआइ को जमीन प्रदेश सरकार को निश्शुल्क उपलब्ध करानी है। जमीन की उपलब्धता में भारी भरकम खर्च को देखते हुए फिलहाल उपलब्ध जमीन पर ही हवाई पट्टी का विस्तार करके 72 सीटर विमान उड़ाने की योजना तैयार की गई। इस कार्य के लिए वर्ष 2014 में हवाई पट्टी को एएआइ के सुपुर्द कर दिया गया लेकिन दस साल बाद भी उड़ान का सपना पूरा नहीं हो सका है।
उन्होंने बताया कि उप्र नागरिक उड्डयन विभाग ने 23 करोड़ रुपये रिलीज करने के लिए डीजीसीए से एनओसी मांगी है। ऐसे में एनओसी अपरिहार्य है। ज्ञात हो कि रविवार को मेरठ में समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री से डा लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने हवाई पट्टी के लिए 23 करोड़ रिलीज करने की मांग की तो मुख्यमंत्री ने कहा कि आप डीजीसीए से एनओसी ले आओ 23 करोड़ रिलीज हो जाएगा।
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